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बंशी अधर धर तान सुनाए नाहत कान्हा मोहे...
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बागेश्वर। पौष महीने के दूसरे रविवार की रात नगर के पौराणिक बागनाथ मंदिर में बैठकी होली के गीतों का गायन किया। इस मौके पर रंग कर्मियों ने एक से बढ़कर एक होली के गीतों का गायन कर सभी का मन मोह लिया। गायकों ने बंशी अधर धर तान सुनाए नाहत कान्हा मोहे..., समेत कई अन्य गीत गाए।
गायककारों ने राग, धमाल, काफी और जंगला में कई मनभावन होली के गीतों का गायन किया। वहां 85 वर्षीय चंद्र लाल शाह, विजय वर्मा, हरीश कांडपाल, दीप लाल साह, प्रदीप भरड़ा, चंदन गढ़िया, कंचन साह, पूरन पालनी, गुलशन कक्कड़, महिपाल भरड़ा, रतन सिंह रावल, खीमानंद पंत और भारत साह आदि थे।
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गायककारों ने राग, धमाल, काफी और जंगला में कई मनभावन होली के गीतों का गायन किया। वहां 85 वर्षीय चंद्र लाल शाह, विजय वर्मा, हरीश कांडपाल, दीप लाल साह, प्रदीप भरड़ा, चंदन गढ़िया, कंचन साह, पूरन पालनी, गुलशन कक्कड़, महिपाल भरड़ा, रतन सिंह रावल, खीमानंद पंत और भारत साह आदि थे।
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