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कृषि को आजीविका से जोड़कर मजबूत होगी किसानों की आर्थिकी
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बागेश्वर। नुमाइशखेत में आयोजित आजीविका सहयोग परियोजना के हिलांस कृषि मेले में किसानों को उपयोगी जानकारी दी गई। दो दिवसीय मेले का शुभारंभ करते हुए जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए ग्रामीण कृषि व्यवस्था को मजबूत करना होगा।
जिपं अध्यक्ष ने कहा कि कृषि को बढ़ावा देने के बाद ही गांवों से पलायन को दूर किया जा सकता है। आजीविका परियोजना की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक किसान को उन्नत खेती के प्रेरित किए जाने की आवश्यकता है। ब्लाक प्रमुख गोपा धपोला, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व प्रमुख राजेंद्र टंगड़िया ने भी किसान मेले को संबोधित करते हुए कहा कि मेले में मिलने वाली जानकारी को खेतों तक ले जाने के बाद ही लाभ मिल सकता है।
आजीविका के परियोजना अधिकारी धमेंद्र पांडेय, डीएफओ बलवंत सिंह शाही, नरेंद्र राठौर, बबलू अल्मियां आदि ने संबोधित कर कृषि मेले की जानकारी दी। संचालन सहायक प्रबंधक प्रकाश पाठक ने किया। मेले में विभागों ने स्टाल लगाकर किसानों को जानकारी दी। किसान समूहों द्वारा उत्पादित सामान भी स्टालों में रखा गया था।
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बंदरों से आतंक से मुक्ति दिलाओ
बागेश्वर। कृषि मेले में मौजूद किसानों को विभागीय अधिकारियों ने कई जानकारियां दी। इस दौरान किसानों ने कहा कि बंदरों के आतंक के चलते गांवों में खेती करना मुश्किल हो गया है। सरकार यदि बंदर सहित जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाए तो गांवों में खेती को लाभ होगा। कपकोट से आए किसान माधवी, सुनीता, भगवती कांडा से आए किसान मोहन सिंह, राम सिंह, चनर राम ने बताया कि बंदरों के आतंक से खेती को बचाना मुश्किल हो गया है।
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जिपं अध्यक्ष ने कहा कि कृषि को बढ़ावा देने के बाद ही गांवों से पलायन को दूर किया जा सकता है। आजीविका परियोजना की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक किसान को उन्नत खेती के प्रेरित किए जाने की आवश्यकता है। ब्लाक प्रमुख गोपा धपोला, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व प्रमुख राजेंद्र टंगड़िया ने भी किसान मेले को संबोधित करते हुए कहा कि मेले में मिलने वाली जानकारी को खेतों तक ले जाने के बाद ही लाभ मिल सकता है।
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आजीविका के परियोजना अधिकारी धमेंद्र पांडेय, डीएफओ बलवंत सिंह शाही, नरेंद्र राठौर, बबलू अल्मियां आदि ने संबोधित कर कृषि मेले की जानकारी दी। संचालन सहायक प्रबंधक प्रकाश पाठक ने किया। मेले में विभागों ने स्टाल लगाकर किसानों को जानकारी दी। किसान समूहों द्वारा उत्पादित सामान भी स्टालों में रखा गया था।
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बंदरों से आतंक से मुक्ति दिलाओ
बागेश्वर। कृषि मेले में मौजूद किसानों को विभागीय अधिकारियों ने कई जानकारियां दी। इस दौरान किसानों ने कहा कि बंदरों के आतंक के चलते गांवों में खेती करना मुश्किल हो गया है। सरकार यदि बंदर सहित जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाए तो गांवों में खेती को लाभ होगा। कपकोट से आए किसान माधवी, सुनीता, भगवती कांडा से आए किसान मोहन सिंह, राम सिंह, चनर राम ने बताया कि बंदरों के आतंक से खेती को बचाना मुश्किल हो गया है।