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चरस तस्कर को 10 साल का कारावास
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बागेश्वर। विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत ने चरस तस्करी के आरोपी को दस साल के कारावास की सजा सुनाई है। एक लाख रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दो साल के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार 25 दिसंबर 2020 को कपकोट पुलिस ने गश्त के दौरान भराड़ी से बागेश्वर आ रहे एक वाहन की तलाशी ली। वाहन में चालक के अलावा दो यात्री आगे और तीन यात्री पीछे की सीट पर बैठे थे। चेकिंग के दौरान चालक के सीट के नीचे आसमानी रंग का बैग मिला। मामले में जब पुलिस ने चालक से पूछताछ की तो उसने बैग में चरस होने की बात स्वीकार की। चालक ने अपना नाम खीमपाल सिंह निवासी बोरबलड़ा कपकोट बताया। बरामद चरस का वजन एक किलो 597 ग्राम था।
मामला विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत में चला। मामले में अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गोविंद बल्लभ उपाध्याय और सहायक शासकीय अधिवक्ता चंचल पपोला ने पैरवी की। उन्होंने न्यायालय में नौ गवाह पेश किए। मामले में शनिवार को विशेष सत्र न्यायाधीश शहंशाह मोहम्मद दिलबर दानिश ने गवाहों के बयानों और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य, एफएससी की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए दस साल की सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार 25 दिसंबर 2020 को कपकोट पुलिस ने गश्त के दौरान भराड़ी से बागेश्वर आ रहे एक वाहन की तलाशी ली। वाहन में चालक के अलावा दो यात्री आगे और तीन यात्री पीछे की सीट पर बैठे थे। चेकिंग के दौरान चालक के सीट के नीचे आसमानी रंग का बैग मिला। मामले में जब पुलिस ने चालक से पूछताछ की तो उसने बैग में चरस होने की बात स्वीकार की। चालक ने अपना नाम खीमपाल सिंह निवासी बोरबलड़ा कपकोट बताया। बरामद चरस का वजन एक किलो 597 ग्राम था।
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मामला विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत में चला। मामले में अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गोविंद बल्लभ उपाध्याय और सहायक शासकीय अधिवक्ता चंचल पपोला ने पैरवी की। उन्होंने न्यायालय में नौ गवाह पेश किए। मामले में शनिवार को विशेष सत्र न्यायाधीश शहंशाह मोहम्मद दिलबर दानिश ने गवाहों के बयानों और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य, एफएससी की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए दस साल की सजा सुनाई।
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