{"_id":"25d0beafd23029050fdf129738720e65","slug":"thana-ghera-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"व्यापारियों ने बाजार बंद कर थाना घेरा, प्रदर्शन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
व्यापारियों ने बाजार बंद कर थाना घेरा, प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Tue, 16 Feb 2016 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
व्यापारी ललित हत्याकांड का वारदात के 12 दिन बाद भी पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है। इसको लेकर सोमवार को नगरवासियों और व्यापारियों का गुस्सा भड़क उठा। व्यापारियों ने दुकानों के शटर गिरा कर बाजार बंद कर नारेबाजी करते हुए थाने पहुंचे।
इसके बाद थाने के बाहर सड़क पर बैठकर धनौरा हाईवे पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों से व्यापारियों की तीखी नोकझोंक भी हुई। खुलासे के लिए बीस फरवरी तक की मोहलत के बाद व्यापारियों और नागरिकों का गुस्सा शांत हुआ। इसके बाद ही करीब डेढ़ घंटे बाद जाम खुल सका।
एमसीएक्स कारोबारी ललित कुमार अग्रवाल की चार फरवरी की रात नौ बजे घर के बाहर ही बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। इस वारदात के बाद व्यापारी के घर राजनीतिक दलों के दिग्गज व्यापारी के घर पहुंच कर सांत्वना देने से नहीं चूक रहे।
विज्ञापन
पीड़ित परिवार और नगरवासियों समेत व्यापारी लगातार पुलिस से इस हत्याकांड का निष्पक्ष खुलासा करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन, पुलिस खुलासे को लेकर टरका रही है। हत्याकांड के 12 दिन बीतने के बाद भी पुलिस वारदात का खुलासा करना तो दूर हत्या की वजह भी नहीं बना सकी है।
इसको लेकर सोमवार को नागरिकों और व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। सुबह सवा नौ बजे व्यापारियों समेत सैकड़ों लोग रामलीला मैदान पर जमा हुए और जुलूस के रूप में पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बाजार बंद का आह्वान किया। दुकानदार भी अपनी-अपनी दुकानों के शटर गिराकर जुलूस के साथ हो लिए और करीब 10 बजे थाने पहुंचे।
यहां थाने के सामने सड़क पर बैठ गए और धनौरा हाइवे जाम करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इसी दौरान थाने में पहले से मौजूद सीओ मोहनलाल और एसओ उपेंद्र यादव ने फोर्स के साथ बाहर आकर समझाने का प्रयास किया। कई बार उनकी पुलिस से तीखी झड़पें हुईं।
व्यापारियों ने पुलिस पर सत्ता के दबाव में हत्यारों को गिरफ्तार न करने का आरोप लगाया। एक समय आया कि सीओ के समझाने पर ललित के भाई विजय अग्रवाल जाम हटाने की कोशिश में लग गए।
इसी बीच व्यापारी फिर से भड़क गए और एसपी को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर अड़ गए। इसके बाद फिर से रोड जाम कर दिया। पुलिस ने बीस फरवरी तक खुलासा करने का आश्वासन देकर व्यापारियों को शांत कराया। करीब साढ़े ग्यारह बजे ही जाम खुल सका।
आखिर कब खुलेगी खाकी की मुट्ठी
गजरौला। थाने के बाहर जाम और प्रदर्शन के दौरान हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर व्यापारियों की पुलिस से तीखी झड़पें और तनातनी हुई। इस दौरान पुलिस भी किसी तरह जाम खुलवाने के प्रयास में व्यापारियों को आश्वासन देती रही।
पुलिस ने व्यापारियों से कहा कि अस्सी प्रतिशत तक पुलिस खुलासे के करीब पहुंच चुकी है। पुलिस की बंद मुट्टी खुलनी बाकी है। इस पर व्यापारी और भड़क गए। व्यापारियों का कहना था कि आखिर पुलिस बंद मुट्ठी कब खोलेगी।
थाना गेट पर आत्मदाह की चेतावनी
गजरौला। थाने का घेराव कर जाम के दौरान व्यापारियों ने पुलिस से साफ तौर पर चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पुलिस या तो केस खोले या फिर व्यापारियों को ही गोली मारे। व्यापारियों के आक्रोश के सामने पुलिस कई बार बैकफुट पर आती नजर आई।
उसी समय पुलिस ने बीस फरवरी तक की मोहलत मांग कर जाम लगा कर व्यापारियों को शांत कर दिया। पुलिस के बार-बार के इस आश्वासन पर व्यापारी ललित परिवार के लोगों ने पुलिस से दो टूक कहा कि यदि बीस फरवरी तक खुलासा नहीं हुआ तो पीड़ित परिवार थाने के सामने आत्मदाह करेगा।
पहुंचे राजनीतिक दलों के दिग्गज
गजरौला। थाने पर नागरिकों और व्यापारियों के जाम और प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक दलों के लोग भी पहुंचे। भाजपा के पूर्व विधायक व चेयरमैन हरपाल सिंह समेत कांग्रेसी नेता कुमुद शर्मा भी पहुंची। व्यापारियों से कंधे से कंधा मिला कर पुलिस से खुलासे की मांग की।
बस्ती से अहरौला रोड के बीच बनेगा चेक पोस्ट
गजरौला। थाने के बाहर प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने बस्ती से अहरौला रोड के बीच व्यापारी ललित के घर से आगे पुलिस चेक पोस्ट बनाने की मांग की। इस पर सहमति भी बन गई। शाम पांच से रात आठ बजे तक चेक पोस्ट पर चेकिंग चलेगी। कस्बा चौकी इंचार्ज लोकेंद्र त्यागी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
जाम के बाद रामलीला मैदान पहुंचे एएसपी
गजरौला। थाने के बाहर जाम खुलने के बाद अपर पुलिस अधीक्षक विजय गौतम रामलीला मैदान पहुंचे। जहां मौजूद व्यापारियों और नागरिकों को खुलासे का जल्दी ही भरोसा दिलाया। हत्याकांड का जल्दी ही खुलासा कर दिया जाएगा। पुलिस खुलासे के काफी नजदीक पहुंच चुकी है।
विज्ञापन
इसके बाद थाने के बाहर सड़क पर बैठकर धनौरा हाईवे पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों से व्यापारियों की तीखी नोकझोंक भी हुई। खुलासे के लिए बीस फरवरी तक की मोहलत के बाद व्यापारियों और नागरिकों का गुस्सा शांत हुआ। इसके बाद ही करीब डेढ़ घंटे बाद जाम खुल सका।
विज्ञापन
एमसीएक्स कारोबारी ललित कुमार अग्रवाल की चार फरवरी की रात नौ बजे घर के बाहर ही बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। इस वारदात के बाद व्यापारी के घर राजनीतिक दलों के दिग्गज व्यापारी के घर पहुंच कर सांत्वना देने से नहीं चूक रहे।
विज्ञापन
पीड़ित परिवार और नगरवासियों समेत व्यापारी लगातार पुलिस से इस हत्याकांड का निष्पक्ष खुलासा करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन, पुलिस खुलासे को लेकर टरका रही है। हत्याकांड के 12 दिन बीतने के बाद भी पुलिस वारदात का खुलासा करना तो दूर हत्या की वजह भी नहीं बना सकी है।
इसको लेकर सोमवार को नागरिकों और व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। सुबह सवा नौ बजे व्यापारियों समेत सैकड़ों लोग रामलीला मैदान पर जमा हुए और जुलूस के रूप में पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बाजार बंद का आह्वान किया। दुकानदार भी अपनी-अपनी दुकानों के शटर गिराकर जुलूस के साथ हो लिए और करीब 10 बजे थाने पहुंचे।
यहां थाने के सामने सड़क पर बैठ गए और धनौरा हाइवे जाम करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इसी दौरान थाने में पहले से मौजूद सीओ मोहनलाल और एसओ उपेंद्र यादव ने फोर्स के साथ बाहर आकर समझाने का प्रयास किया। कई बार उनकी पुलिस से तीखी झड़पें हुईं।
व्यापारियों ने पुलिस पर सत्ता के दबाव में हत्यारों को गिरफ्तार न करने का आरोप लगाया। एक समय आया कि सीओ के समझाने पर ललित के भाई विजय अग्रवाल जाम हटाने की कोशिश में लग गए।
इसी बीच व्यापारी फिर से भड़क गए और एसपी को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर अड़ गए। इसके बाद फिर से रोड जाम कर दिया। पुलिस ने बीस फरवरी तक खुलासा करने का आश्वासन देकर व्यापारियों को शांत कराया। करीब साढ़े ग्यारह बजे ही जाम खुल सका।
आखिर कब खुलेगी खाकी की मुट्ठी
गजरौला। थाने के बाहर जाम और प्रदर्शन के दौरान हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर व्यापारियों की पुलिस से तीखी झड़पें और तनातनी हुई। इस दौरान पुलिस भी किसी तरह जाम खुलवाने के प्रयास में व्यापारियों को आश्वासन देती रही।
पुलिस ने व्यापारियों से कहा कि अस्सी प्रतिशत तक पुलिस खुलासे के करीब पहुंच चुकी है। पुलिस की बंद मुट्टी खुलनी बाकी है। इस पर व्यापारी और भड़क गए। व्यापारियों का कहना था कि आखिर पुलिस बंद मुट्ठी कब खोलेगी।
थाना गेट पर आत्मदाह की चेतावनी
गजरौला। थाने का घेराव कर जाम के दौरान व्यापारियों ने पुलिस से साफ तौर पर चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पुलिस या तो केस खोले या फिर व्यापारियों को ही गोली मारे। व्यापारियों के आक्रोश के सामने पुलिस कई बार बैकफुट पर आती नजर आई।
उसी समय पुलिस ने बीस फरवरी तक की मोहलत मांग कर जाम लगा कर व्यापारियों को शांत कर दिया। पुलिस के बार-बार के इस आश्वासन पर व्यापारी ललित परिवार के लोगों ने पुलिस से दो टूक कहा कि यदि बीस फरवरी तक खुलासा नहीं हुआ तो पीड़ित परिवार थाने के सामने आत्मदाह करेगा।
पहुंचे राजनीतिक दलों के दिग्गज
गजरौला। थाने पर नागरिकों और व्यापारियों के जाम और प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक दलों के लोग भी पहुंचे। भाजपा के पूर्व विधायक व चेयरमैन हरपाल सिंह समेत कांग्रेसी नेता कुमुद शर्मा भी पहुंची। व्यापारियों से कंधे से कंधा मिला कर पुलिस से खुलासे की मांग की।
बस्ती से अहरौला रोड के बीच बनेगा चेक पोस्ट
गजरौला। थाने के बाहर प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने बस्ती से अहरौला रोड के बीच व्यापारी ललित के घर से आगे पुलिस चेक पोस्ट बनाने की मांग की। इस पर सहमति भी बन गई। शाम पांच से रात आठ बजे तक चेक पोस्ट पर चेकिंग चलेगी। कस्बा चौकी इंचार्ज लोकेंद्र त्यागी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
जाम के बाद रामलीला मैदान पहुंचे एएसपी
गजरौला। थाने के बाहर जाम खुलने के बाद अपर पुलिस अधीक्षक विजय गौतम रामलीला मैदान पहुंचे। जहां मौजूद व्यापारियों और नागरिकों को खुलासे का जल्दी ही भरोसा दिलाया। हत्याकांड का जल्दी ही खुलासा कर दिया जाएगा। पुलिस खुलासे के काफी नजदीक पहुंच चुकी है।