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हां, हमने बैराज में देखा था तेंदुए का शव
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 25 Feb 2016 12:26 AM IST
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धनौरा की एक नहर में मिले तेंदुए के शव को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। वन विभाग का कहना है कि तेंदुए का यह शव नदी के पानी के साथ बहकर आया है। खो बैराज में इसे देखने की पुष्टि की गई थी। टीम ने स्थानीय लोगों के बयान भी लिए हैं। बयानों में कहा गया है कि बैराज के गेट पर तेंदुए का शव फंसा देखा गया था।
अमरोहा जनपद के धनौरा में गांव मोहद्दीनपुर के निकट रामगंगा पोषक नहर में मंगलवार की सुबह को तेंदुए का शव मिला था। वन अफसरों ने ग्रामीणों की मदद से तेंदुए के शव को बाहर निकालकर उसका पोस्टमार्टम कराया। शव कई दिन पुराना बताया जा रहा है। वहीं वन अफसरों को सूचना मिली कि खो बैराज पर भी तेंदुए का शव देखा गया था।
संभावना व्यक्त की गई कि यह वही तेंदुए का शव होगा। इसकी जांच के लिए वन अफसरों की एक कमेटी बना दी गई थी। कमेटी ने बुधवार को जाकर बयान लिए। वन संरक्षक कमलेश कुमार ने बताया कि कुछ स्थानीय लोगों ने बैराज के गेट में तेंदुए का शव फंसे होने की पुष्टि की थी। हालांकि अभी तक कर्मचारियों के बयान नहीं हो सके हैं।
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बैराज पर किसकी ड्यूटी थी इसके बारे में डैम प्रशासन से जानकारी ली जा रही है। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक नहीं मिल सकी है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह पता चल सकेगी। वहीं मंडल में तेंदुए की मौत के मामले बढ़ने से वन प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सभी वन चौकियों को चौकस किया जा रहा है।
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अमरोहा जनपद के धनौरा में गांव मोहद्दीनपुर के निकट रामगंगा पोषक नहर में मंगलवार की सुबह को तेंदुए का शव मिला था। वन अफसरों ने ग्रामीणों की मदद से तेंदुए के शव को बाहर निकालकर उसका पोस्टमार्टम कराया। शव कई दिन पुराना बताया जा रहा है। वहीं वन अफसरों को सूचना मिली कि खो बैराज पर भी तेंदुए का शव देखा गया था।
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संभावना व्यक्त की गई कि यह वही तेंदुए का शव होगा। इसकी जांच के लिए वन अफसरों की एक कमेटी बना दी गई थी। कमेटी ने बुधवार को जाकर बयान लिए। वन संरक्षक कमलेश कुमार ने बताया कि कुछ स्थानीय लोगों ने बैराज के गेट में तेंदुए का शव फंसे होने की पुष्टि की थी। हालांकि अभी तक कर्मचारियों के बयान नहीं हो सके हैं।
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बैराज पर किसकी ड्यूटी थी इसके बारे में डैम प्रशासन से जानकारी ली जा रही है। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक नहीं मिल सकी है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह पता चल सकेगी। वहीं मंडल में तेंदुए की मौत के मामले बढ़ने से वन प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सभी वन चौकियों को चौकस किया जा रहा है।