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न्याय नहीं मिला तो करूंगी भूख हड़ताल
ब्यूूराे/अमर उजाला अमराेहा
Updated Sat, 20 Feb 2016 12:28 AM IST
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सैदनगली के शंकर इंटर कालेज का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बोर्ड परीक्षा से वंचित छात्रा ने कालेज प्रबंधक और उसके बेटों के खिलाफ जातिसूचक शब्द और गाली गलौज करना तथा कालेज से धक्के देकर बाहर निकाल देने के मामले में थाना पुलिस को तहरीर दी है और एसडीएम से भी मिलकर न्याय दिलाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर न्याय नहीं मिला तो भूख हड़ताल करूंगी ।
बता दें कि मामला सैदनगली के मोहल्ला भीमनगर निवासी स्व.धर्मवीर की बेटी प्रीति गांव के ही शंकर इंटर कालेज में कक्षा दस की छात्रा है। सत्रह फरवरी को वह कालेज से अपना प्रवेश पत्र लेने के लिए गई थी, लेकिन उसे प्रवेश पत्र नहीं दिया गया था। आरोप है कि प्रबंधक ने अपने बेटों के साथ बाहर कर दिया था।
छात्रा का कहना है कि पूरे साल पढ़ाई की और फीस भी जमा की, लेकिन कालेज ने परीक्षा फार्म ही नहीं भरा। जिससे छात्रा परीक्षा से वंचित रह गई और एक साल खराब हो गया। इस मामले में छात्रा ने शुक्रवार को थाना अध्यक्ष को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
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इसके बाद छात्रा अपने परिजनों के साथ एसडीएम से मिली और न्याय दिलाने की मांग की। साथ ही कहा कि अगर न्याय नहीं मिला,तो भूख हड़ताल करूंगी। कालेज प्रबंधन ने इंसाफ नहीं किया।
छात्रा की आंख से झलक गए आंसू
हसनपुर(ब्यूरो)। छात्रा ने जब अपनी पीड़ा एसडीएम को बताई तो छात्रा की आंख आंसू छलक उठे। छात्रा बाहर खड़े लोगों से भी यह बात बता रही थी कि कालेज ने एक साल बेकार कर दिया। इसकी सजा मिलनी चाहिए।
जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कराई जाएगी कार्रवाई
हसनपुर(ब्यूरो)। एसडीएम अशोक मौर्य ने बताया कि छात्रा अपनी परेशानी को लेकर मिली थी और फीस रसीद व पूरी बात बताई। उन्होंने बताया कि इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक से भी बात की गई है और छात्रा को डीआईओएस के पास भेजा गया है।
बताया कि इस मामले की जांच राजकीय इंटर कालेज अमरोहा के प्रधानाचार्य जांच कर रहे हैं। जांच में दोषी मिलने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
छात्रा ने पिछली बार इम्तिहान नहीं दिया था। इस साल एक बार ऑनलाइन फार्म भरा जाना बंद होने के बाद दोबारा वेबसाइट खुलने की उम्मीद में उसने फीस जमा कर दी, मगर वेबसाइट दोबारा नहीं खुली। इससे फार्म नहीं भरा गया। कालेज प्रशासन की तरफ से प्रीति को किसी तरह का आश्वासन नहीं दिया गया और न ही पढ़ाई के लिए कभी स्कूल आई थी। उसकी ओर से लगाए गए आरोप गलत हैं।- बीना अग्रवाल, प्रधानाचार्य, शंकर इंटर कॉलेज
छात्रा ने डीआईओएस से लगाई गुहार, नहीं मिली राहत
अमरोहा। यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा से वंचित छात्रा प्रीति शुक्रवार को रोत-रोते जिला विद्यालय निरीक्षक के कार्यालय पर पहुंची। परीक्षा में शामिल करने की डीआईओएस से गुहार लगाई। साथ ही परीक्षा में शामिल न करने पर कड़ा कदम उठाने की चेतावनी दी है। उधर, छात्रा की चेतावनी से विभाग में खलबली मच गई।
आनन-फानन में बोर्ड आफिस संपर्क किया गया। छात्रा के संबंध में गाइड लाइन मांगा गया, पूछा कि, क्या छात्रा को अस्थाई तौर पर बोर्ड परीक्षा में बैठाया जा सकता है। लेकिन छात्रा का परीक्षा फार्म जमा न होने के कारण छात्रा को परीक्षा में शामिल करने से हाथ खड़े कर दिए गए।
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बता दें कि मामला सैदनगली के मोहल्ला भीमनगर निवासी स्व.धर्मवीर की बेटी प्रीति गांव के ही शंकर इंटर कालेज में कक्षा दस की छात्रा है। सत्रह फरवरी को वह कालेज से अपना प्रवेश पत्र लेने के लिए गई थी, लेकिन उसे प्रवेश पत्र नहीं दिया गया था। आरोप है कि प्रबंधक ने अपने बेटों के साथ बाहर कर दिया था।
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छात्रा का कहना है कि पूरे साल पढ़ाई की और फीस भी जमा की, लेकिन कालेज ने परीक्षा फार्म ही नहीं भरा। जिससे छात्रा परीक्षा से वंचित रह गई और एक साल खराब हो गया। इस मामले में छात्रा ने शुक्रवार को थाना अध्यक्ष को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
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इसके बाद छात्रा अपने परिजनों के साथ एसडीएम से मिली और न्याय दिलाने की मांग की। साथ ही कहा कि अगर न्याय नहीं मिला,तो भूख हड़ताल करूंगी। कालेज प्रबंधन ने इंसाफ नहीं किया।
छात्रा की आंख से झलक गए आंसू
हसनपुर(ब्यूरो)। छात्रा ने जब अपनी पीड़ा एसडीएम को बताई तो छात्रा की आंख आंसू छलक उठे। छात्रा बाहर खड़े लोगों से भी यह बात बता रही थी कि कालेज ने एक साल बेकार कर दिया। इसकी सजा मिलनी चाहिए।
जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कराई जाएगी कार्रवाई
हसनपुर(ब्यूरो)। एसडीएम अशोक मौर्य ने बताया कि छात्रा अपनी परेशानी को लेकर मिली थी और फीस रसीद व पूरी बात बताई। उन्होंने बताया कि इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक से भी बात की गई है और छात्रा को डीआईओएस के पास भेजा गया है।
बताया कि इस मामले की जांच राजकीय इंटर कालेज अमरोहा के प्रधानाचार्य जांच कर रहे हैं। जांच में दोषी मिलने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
छात्रा ने पिछली बार इम्तिहान नहीं दिया था। इस साल एक बार ऑनलाइन फार्म भरा जाना बंद होने के बाद दोबारा वेबसाइट खुलने की उम्मीद में उसने फीस जमा कर दी, मगर वेबसाइट दोबारा नहीं खुली। इससे फार्म नहीं भरा गया। कालेज प्रशासन की तरफ से प्रीति को किसी तरह का आश्वासन नहीं दिया गया और न ही पढ़ाई के लिए कभी स्कूल आई थी। उसकी ओर से लगाए गए आरोप गलत हैं।- बीना अग्रवाल, प्रधानाचार्य, शंकर इंटर कॉलेज
छात्रा ने डीआईओएस से लगाई गुहार, नहीं मिली राहत
अमरोहा। यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा से वंचित छात्रा प्रीति शुक्रवार को रोत-रोते जिला विद्यालय निरीक्षक के कार्यालय पर पहुंची। परीक्षा में शामिल करने की डीआईओएस से गुहार लगाई। साथ ही परीक्षा में शामिल न करने पर कड़ा कदम उठाने की चेतावनी दी है। उधर, छात्रा की चेतावनी से विभाग में खलबली मच गई।
आनन-फानन में बोर्ड आफिस संपर्क किया गया। छात्रा के संबंध में गाइड लाइन मांगा गया, पूछा कि, क्या छात्रा को अस्थाई तौर पर बोर्ड परीक्षा में बैठाया जा सकता है। लेकिन छात्रा का परीक्षा फार्म जमा न होने के कारण छात्रा को परीक्षा में शामिल करने से हाथ खड़े कर दिए गए।