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चीनी मिलों के हाथ में खेल रही हैं सरकारें
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sun, 17 Jan 2016 12:20 AM IST
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350 रुपये गन्ने का रेट घोषित कराने और बकाया भुगतान की मांग को लेकर किसान आठवें दिन भी कलेक्ट्रेट पर डटे रहे। हाड़ कंपा देने वाली सर्दी में बेमियादी धरने पर बैठे किसानों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया है।
गन्ने का रेट घोषित कराने, बकाया भुुगतान समेत अन्य समस्याओं को लेकर किसानों का गत शनिवार से कलेक्ट्रेट पर कब्जा है। आठवें दिन कड़ाके की सर्दी में भी किसान धरने पर बैठे रहे।
इस दौरान किसानों ने कहा कि वह मांग पूरी कराने का संकल्प लेकर ही बेमियादी धरने पर बैठे हैं। जब तक मांग पूरी नहीं होगी, धरने से नहीं उठेंगे। किसान कमजोर नहीं हैं। अपनी मांग पूरी कराकर ही रहेंगे।
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जिलाध्यक्ष उम्मेद सिंह ने कहा कि सरकारों ने किसानों की उपेक्षा की हद कर दी है। चीनी मिलें चले डेढ़ महीने से अधिक समय बीत गया, लेकिन अभी तक गन्ने का भाव घोषित नहीं किया गया है। सरकारें चीनी मिलों के हाथ में खेल रही हैं।
रामपाल सिंह ने कहा कि किसानों की दुर्दशा के लिए चीनी मिलों से सरकार ज्यादा जिम्मेदार हैं। धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होंगी, धरना जारी रहेगा।
किसान बोले, सरकार को लगेगी हाय
आठ दिन से कलेक्ट्रेट पर कब्जा कर बैठे किसान धरने पर हुक्का गुड़गुड़ाते रहे। किसानों ने कहा कि गन्ना किसान का इससे बड़ा दुर्भाग्य नहीं हो सकता है।
कड़ाके की सर्दी में जब रात को लोग घरों में कैद हो जाते हैं, वहीं किसानों को घरबार छोड़ धरने पर बैठना पड़ रहा है। धरने के कारण फसलों की देखभाल भी नहीं कर पा रहे हैं। किसानों की उपेक्षा की हाय सरकार को ले डूबेगी।
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गन्ने का रेट घोषित कराने, बकाया भुुगतान समेत अन्य समस्याओं को लेकर किसानों का गत शनिवार से कलेक्ट्रेट पर कब्जा है। आठवें दिन कड़ाके की सर्दी में भी किसान धरने पर बैठे रहे।
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इस दौरान किसानों ने कहा कि वह मांग पूरी कराने का संकल्प लेकर ही बेमियादी धरने पर बैठे हैं। जब तक मांग पूरी नहीं होगी, धरने से नहीं उठेंगे। किसान कमजोर नहीं हैं। अपनी मांग पूरी कराकर ही रहेंगे।
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जिलाध्यक्ष उम्मेद सिंह ने कहा कि सरकारों ने किसानों की उपेक्षा की हद कर दी है। चीनी मिलें चले डेढ़ महीने से अधिक समय बीत गया, लेकिन अभी तक गन्ने का भाव घोषित नहीं किया गया है। सरकारें चीनी मिलों के हाथ में खेल रही हैं।
रामपाल सिंह ने कहा कि किसानों की दुर्दशा के लिए चीनी मिलों से सरकार ज्यादा जिम्मेदार हैं। धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होंगी, धरना जारी रहेगा।
किसान बोले, सरकार को लगेगी हाय
आठ दिन से कलेक्ट्रेट पर कब्जा कर बैठे किसान धरने पर हुक्का गुड़गुड़ाते रहे। किसानों ने कहा कि गन्ना किसान का इससे बड़ा दुर्भाग्य नहीं हो सकता है।
कड़ाके की सर्दी में जब रात को लोग घरों में कैद हो जाते हैं, वहीं किसानों को घरबार छोड़ धरने पर बैठना पड़ रहा है। धरने के कारण फसलों की देखभाल भी नहीं कर पा रहे हैं। किसानों की उपेक्षा की हाय सरकार को ले डूबेगी।