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रालोद ने फिर भरी हरित प्रदेश के लिए हुंकार

Tue, 15 Dec 2015 11:59 PM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला अमराेहा
ब्यूूराे/अमर उजाला अमराेहा Updated Tue, 15 Dec 2015 11:59 PM IST
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उत्तर प्रदेश के किसान और युवाओं को तभी विकास का लाभ मिलेगा, जब प्रदेश में और छोटे राज्य बनेंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास के लिए भी यह जरूरी है। जितने भी छोटे राज्य बने हैं, वे सब तेजी से विकास कर रहे हैं।
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अब वक्त आ गया है कि, उप्र राज्य के पुनर्गठन के मुद्दे पर सभी एकजुट होकर प्रयास करें, तभी सफलता मिलेगी। यह बातें राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी ने कही।
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वे नेशनल हाईवे स्थित जोया की एक कालोनी के मैदान पर मंगलवार को राज्य पुनर्गठन संघर्ष मोर्चा की ओर से आयोजित सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने छोटे राज्यों के फायदे गिनाते हुए हरित प्रदेश के लिए हुंकार भरी। उत्तराखंड और तेलंगाना के राज्य बनने के फायदे बताते हुए कहा कि इसके लिए रालोद आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।

बोले कि, उत्तर प्रदेश एक बड़ा राज्य है। बड़ा राज्य होने से ही प्रदेश समस्याग्रस्त है। प्रदेश बिजली-पानी, सड़क, रोजगार, सुरक्षा आदि से संबंधित समस्याओं से जूझ रहा है। बोले, राज्य जितना छोटा होगा, उतना ही खुशहाल होगा।

उन्होंने अलग बुंदेलखंड राज्य का भी समर्थन किया। हरित प्रदेश की लड़ाई में सभी से सहयोग करने का भी आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हाजी इफ्तेखार अली ने और संचालन जितेंद्र प्रताप ने किया।

कार्यक्रम प्रभारी व रालोद के जिला अध्यक्ष चौधरी रामवीर सिंह ने सभी का आभार वक्त किया। यहां, जाट एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरपाल सिंह, शब्बीर विद्रोही, मुकेश चौधरी, बिजनौर, राज्य पुनर्गठन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष अजय गिल, यशपाल सिंह, शूरवीर सिंह रहे।

केंद्र और प्रदेश सरकार पर साधा निशाना
अमरोहा। कार्यक्रम गैर राजनैतिक था, लेकिन जयंत चौधरी केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधने से नहीं चूके। उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार को आड़े हाथ लेते हुए किसानों की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार ठहराया।

कहा कि, दोनों सरकारें किसानों पर कोई ध्यान नहीं दे रहीं हैं। जिसकी वजह से शुगर मिलों की मनमानी बढ़ती जा रही है। शुगर मिलें किसानों का बकाया भुगतान दबाए बैठी हैं। किसान पाई-पाई को मोहताज हो रहा है। किसानों को फसल क्षति का अभी तक मुआवजा भी नहीं मिल पाया है।

लागत के अनुसार मिले गन्ना का रेट
अमरोहा। रालोद के राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी ने जोया में प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि गन्ने का भाव किसानों की लागत को ध्यान में रखकर निर्धारित किया जाना चाहिए। जिससे किसानों को फसल का उचित मूल्य मिल सके।

शुगर मिलें समय पर किसानों के गन्ने का भुगतान करें, तभी प्रदेश का किसान खुशहाल हो सकता है। गेहूं की फसल का समर्थन मूल्य भी लागत को ध्यान में रखते हुए निर्धारित किया जाना चाहिए। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि रालोद विधान सभा चुनाव में किसी दल से तालमेल नहीं करेगा।

पुलिस भर्ती में लिखित परीक्षा होनी चाहिए
अमरोहा। रालोद के राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी ने कहा कि यूपी पुलिस भर्ती में लिखित परीक्षा होनी चाहिए। इससे योग्यता का पता चलता है। मेरिट और शारीरिक नापतौल के आधार पर भर्ती करना उचित नहीं है।

क्योंकि सीबीएसई और यूपी बोर्ड से परीक्षा पास करने वाले छात्र-छात्राओं की मेरिट में काफी अंतर होता है। गांव और देहात के युवाओं के लिए अलग मापदंड होने चाहिए। जिससे अधिक से अधिक गांव देहात के युवा पुलिस भर्ती में सफल हो सकें।


भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नहीं आए
जोया। राज्य पुनर्गठन संघर्ष मोर्चा की सभा में विशिष्ट अतिथि के तौर पर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक कटारिया को भी आमंत्रित किया गया था। लेकिन वह नहीं आए।
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