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दहशतगर्दों का इस्लाम को कोई वास्ता नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sun, 03 Jan 2016 12:07 AM IST
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अराकाने इमाम जैनुल आबेदीन मेमोरियल सोसाइटी दिल्ली ने कस्बे के मेनबाजार स्थित अबु तालिब मस्जिद में शनिवार को दुनिया भर में आतंकी घटनाओं में मारे गए लोगों की याद में मजलिस आयोजित की।
इसमें याकूब अख्तर और हमनवां ने मरसियाख्वानी की। इसके बाद मौलाना ने मजलिस को खिताब किया। वहीं कस्बे में कैंडल मार्च निकालकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
कस्बे के मोहल्ला मेनबाजार स्थित अबु तालिब मस्जिद में सोसाइटी के सदस्य सैयद अली रहबर जैदी की ओर से मजलिस आयोजित की गई। जिसे खिताब करते हुए मौलाना गजनफर अब्बास ने कहा कि कर्बला की जंग दुनिया रहते याद की जाएगी।
हजरत इमाम हुसैन ने नाना के दीन की खातिर पूरे घर को कुर्बान कर दिया। हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों ने कुर्बानी देकर इस्लाम को जिंदा कर दिया। उन्होंने हजरत मोहम्मद साहब का जिक्र करते कहा कि रसूले खुदा की पूरी जिंदगी इंसानियत के लिए नमूना है।
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उन्होंने कुराने पाक की एक-एक हिदायत का कड़ाई से पालन करके दिखाया, लेकिन आज इस्लाम के नाम पर दहशतगर्दी की जा रही है। मजलूमों, मासूमों को बेरहमी से कत्ल किया जा रहा है। ऐसे लोग कभी भी मुसलमान नहीं हो सकते, क्योंकि इस्लाम ने हमेशा इंसानियत और अमन का पैगाम दिया है।
आखिर में दुनियाभर में आतंकी घटनाओं में मारे गए लोगों की याद में कैंडल जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मौलाना वजीर असकरी, मोहम्मद अब्बास, अली मेहंदी, रज्जू, फिरोज, अली हसनैन, गोल्डी, हुसैन अब्बास, जहीर अब्बास आदि मौजूद थे।
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इसमें याकूब अख्तर और हमनवां ने मरसियाख्वानी की। इसके बाद मौलाना ने मजलिस को खिताब किया। वहीं कस्बे में कैंडल मार्च निकालकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
कस्बे के मोहल्ला मेनबाजार स्थित अबु तालिब मस्जिद में सोसाइटी के सदस्य सैयद अली रहबर जैदी की ओर से मजलिस आयोजित की गई। जिसे खिताब करते हुए मौलाना गजनफर अब्बास ने कहा कि कर्बला की जंग दुनिया रहते याद की जाएगी।
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हजरत इमाम हुसैन ने नाना के दीन की खातिर पूरे घर को कुर्बान कर दिया। हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों ने कुर्बानी देकर इस्लाम को जिंदा कर दिया। उन्होंने हजरत मोहम्मद साहब का जिक्र करते कहा कि रसूले खुदा की पूरी जिंदगी इंसानियत के लिए नमूना है।
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उन्होंने कुराने पाक की एक-एक हिदायत का कड़ाई से पालन करके दिखाया, लेकिन आज इस्लाम के नाम पर दहशतगर्दी की जा रही है। मजलूमों, मासूमों को बेरहमी से कत्ल किया जा रहा है। ऐसे लोग कभी भी मुसलमान नहीं हो सकते, क्योंकि इस्लाम ने हमेशा इंसानियत और अमन का पैगाम दिया है।
आखिर में दुनियाभर में आतंकी घटनाओं में मारे गए लोगों की याद में कैंडल जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मौलाना वजीर असकरी, मोहम्मद अब्बास, अली मेहंदी, रज्जू, फिरोज, अली हसनैन, गोल्डी, हुसैन अब्बास, जहीर अब्बास आदि मौजूद थे।