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पीएचडी-एमबीए पास भी सफाई कर्मी बनने की कतार में
ब्यूूराे/अमर उजाला अमराेहा
Updated Sat, 16 Jan 2016 12:46 AM IST
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नगर पालिका परिषद अमरोहा में 114 संविदा सफाई कर्मचारी नियुक्त होने हैं।
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आवेदन करने की आखिरी तारीख 18 जनवरी है। पालिका को करीब सात हजार आवेदन
पत्र अब तक प्राप्त हो चुके हैं।
इनमें सौ से ज्यादा ऐसे अभ्यर्थियों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिनकी शैक्षिक योग्यता, पीएचडी, एमबीए, बीटेक और पॉलीटेक्निक तक है। इसका मुख्य कारण कुछ और नहीं बल्कि बेरोजगारी है। बढ़ती जनसंख्या के हिसाब से डिग्रीधारी बेरोजगारों की भीड़ भी बढ़ी है।
केंद्र और राज्य सरकार के तमाम विभाग और सेक्टरों में तमाम पदों खाली हैं। बहुतेरों की तो उम्र सरकारी नौकरी में आवेदन के लिए एक-दो साल ही बची है। प्राइवेट सेक्टर भी बेरोजगारी का सिर्फ फायदा उठा रहा है। ऐसे में युवाओं को सिर्फ एक अदद नौकरी की दरकार रह गई है।
इसके अलावा बढ़ती महंगाई, बढ़ते खर्च और तमाम जिम्मेदारियों ने भी प्रोफेशनल डिग्रीधारकों के लिए बड़ी सोच से पलायन करने के लिए मजबूर कर दिया है।
मंत्री जी के पास पहुंच रहीं नौकरी की सिफारिश
अमरोहा। कैबिनेट मंत्री के पास संविदा सफाई कर्मचारी पद पर रखवाने के लिए सिफारिश भी पहुंच रही हैं। इनमें अधिकांश सिफारिश सामान्य जाति से ताल्लुक रखने वाले बेरोजगारों की हैं। 114 में सामान्य जाति के करीब 57 पद हैं।
डाकघर में उमड़ी भारी भीड़
अमरोहा। अंतिम तिथि निकट होने के कारण डाकघर में लगातार भीड़ बढ़ रही है। रविवार को वैसे भी छुट्टी है और आवेदन के लिए सिर्फ एक दिन का समय शेष बचा है। ऐसे में रजिस्ट्री करने वालों की मुख्य डाक घर में भारी भीड़ लगी रही।
भीड़ का आलम ये था कि बाहर से लेकर अंदर तक पैर रखने तक की जगह नहीं थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा गार्ड और पुलिस कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
सरकारी नौकरी हो चाहे कैसी भी हो
अमरोहा। ऐसा नहीं है कि आठवीं और दसवीं वाले ही आवेदन कर रहे हैं। स्नातक और स्नातकोत्तर भी संविदा के लिए आवेदन कर रहे हैं। डाकघर में स्नातकोत्तर के छात्र महीपाल ने बताया कि नौकरी सरकारी हो चाहे कैसी भी हो, उससे फर्क नहीं पड़ता। वैसे भी सरकारी नौकरी तो अब ख्वाब सी लगने लगी हैं।
इनमें सौ से ज्यादा ऐसे अभ्यर्थियों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिनकी शैक्षिक योग्यता, पीएचडी, एमबीए, बीटेक और पॉलीटेक्निक तक है। इसका मुख्य कारण कुछ और नहीं बल्कि बेरोजगारी है। बढ़ती जनसंख्या के हिसाब से डिग्रीधारी बेरोजगारों की भीड़ भी बढ़ी है।
केंद्र और राज्य सरकार के तमाम विभाग और सेक्टरों में तमाम पदों खाली हैं। बहुतेरों की तो उम्र सरकारी नौकरी में आवेदन के लिए एक-दो साल ही बची है। प्राइवेट सेक्टर भी बेरोजगारी का सिर्फ फायदा उठा रहा है। ऐसे में युवाओं को सिर्फ एक अदद नौकरी की दरकार रह गई है।
इसके अलावा बढ़ती महंगाई, बढ़ते खर्च और तमाम जिम्मेदारियों ने भी प्रोफेशनल डिग्रीधारकों के लिए बड़ी सोच से पलायन करने के लिए मजबूर कर दिया है।
मंत्री जी के पास पहुंच रहीं नौकरी की सिफारिश
अमरोहा। कैबिनेट मंत्री के पास संविदा सफाई कर्मचारी पद पर रखवाने के लिए सिफारिश भी पहुंच रही हैं। इनमें अधिकांश सिफारिश सामान्य जाति से ताल्लुक रखने वाले बेरोजगारों की हैं। 114 में सामान्य जाति के करीब 57 पद हैं।
डाकघर में उमड़ी भारी भीड़
अमरोहा। अंतिम तिथि निकट होने के कारण डाकघर में लगातार भीड़ बढ़ रही है। रविवार को वैसे भी छुट्टी है और आवेदन के लिए सिर्फ एक दिन का समय शेष बचा है। ऐसे में रजिस्ट्री करने वालों की मुख्य डाक घर में भारी भीड़ लगी रही।
भीड़ का आलम ये था कि बाहर से लेकर अंदर तक पैर रखने तक की जगह नहीं थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा गार्ड और पुलिस कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
सरकारी नौकरी हो चाहे कैसी भी हो
अमरोहा। ऐसा नहीं है कि आठवीं और दसवीं वाले ही आवेदन कर रहे हैं। स्नातक और स्नातकोत्तर भी संविदा के लिए आवेदन कर रहे हैं। डाकघर में स्नातकोत्तर के छात्र महीपाल ने बताया कि नौकरी सरकारी हो चाहे कैसी भी हो, उससे फर्क नहीं पड़ता। वैसे भी सरकारी नौकरी तो अब ख्वाब सी लगने लगी हैं।