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दिल्ली से हारे, अमरोहा में मिली राजनीतिक जमीन
Amroha
Updated Sun, 18 May 2014 05:30 AM IST
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अमरोहा। आखिरकार मोदी लहर में चौधरी कंवर सिंह तंवर की नैया पार हो गई। पिछले लोकसभा चुनाव 2009 में वह साउथ दिल्ली से बसपा से चुनाव लड़े तो करारी शिकस्त मिली थी। लेकिन अमरोहा ने रिकार्ड वोट एक लाख अट्ठावन हजार से जिताकर सिर आंखों पर बैठाया है।
दिल्ली में मूलत: छतरपुर इलाके के होटल व्यवसायी चौधरी कंवर सिंह तंवर किसान परिवार से हैं। शैक्षिक योग्यता उनकी भले ही सातवीं पास हो लेकिन मझे हुए बिजनेसमैन हैं। दिल्ली के अलावा कई देशों में उनका होटल कारोबार फैला हुआ है। पिछले लोकसभा चुनाव 2009 में कंवर सिंह ने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर साउथ दिल्ली से ताल ठोंकी थी। उन्हें एक लाख बासठ हजार वोट मिले, लेकिन कांग्रेस के रमेश कुमार ने उन्हें करारी शिकस्त दी थी।
2014 के चुनाव में भाग्य आजमाने के लिए कंवर सिंह तंवर 2012 में अमरोहा आए थे और हाईवे पर झनकपुरी में सेवा केंद्र खोलकर सामाजिक कार्य कर रहे थे। सेवा अस्पताल के जरिए गरीबों का इलाज कराना, गरीब महिलाओं को सिलाई मशीनें, युवाओं के लिए कार्यक्रम शुरू किए थे। सेवा भाव के इन कार्यों को भी उनकी जीत में सहायक बताया जा रहा है। पहले कांग्रेस, फिर रालोद और इसके बाद भाजपा से टिकट प्राप्त करने में वह कामयाब हुए और मोदी लहर में नैया पार हो गई। दिल्ली में शिकस्त मिलने के बाद उन्हें अमरोहा में राजनीतिक जमीन का सहारा मिल गया है। लोगों को कंवर सिंह विकास की ढेरों उम्मीदें हैं।
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दिल्ली में मूलत: छतरपुर इलाके के होटल व्यवसायी चौधरी कंवर सिंह तंवर किसान परिवार से हैं। शैक्षिक योग्यता उनकी भले ही सातवीं पास हो लेकिन मझे हुए बिजनेसमैन हैं। दिल्ली के अलावा कई देशों में उनका होटल कारोबार फैला हुआ है। पिछले लोकसभा चुनाव 2009 में कंवर सिंह ने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर साउथ दिल्ली से ताल ठोंकी थी। उन्हें एक लाख बासठ हजार वोट मिले, लेकिन कांग्रेस के रमेश कुमार ने उन्हें करारी शिकस्त दी थी।
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2014 के चुनाव में भाग्य आजमाने के लिए कंवर सिंह तंवर 2012 में अमरोहा आए थे और हाईवे पर झनकपुरी में सेवा केंद्र खोलकर सामाजिक कार्य कर रहे थे। सेवा अस्पताल के जरिए गरीबों का इलाज कराना, गरीब महिलाओं को सिलाई मशीनें, युवाओं के लिए कार्यक्रम शुरू किए थे। सेवा भाव के इन कार्यों को भी उनकी जीत में सहायक बताया जा रहा है। पहले कांग्रेस, फिर रालोद और इसके बाद भाजपा से टिकट प्राप्त करने में वह कामयाब हुए और मोदी लहर में नैया पार हो गई। दिल्ली में शिकस्त मिलने के बाद उन्हें अमरोहा में राजनीतिक जमीन का सहारा मिल गया है। लोगों को कंवर सिंह विकास की ढेरों उम्मीदें हैं।
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