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Almora News: सैर की यादें ले गए, गंदगी की पहचान छोड़ गए

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2026 11:21 PM IST
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They took the memories of the trip and left behind a trail of filth.
रानीखेत (अल्मोड़ा)। पर्यटन नगरी रानीखेत के आसपास के जंगल इन दिनों लोगों की लापरवाही का शिकार बनते जा रहे हैं। प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग जंगलों में पिकनिक और पार्टी मनाने पहुंच रहे हैं, लेकिन लौटते समय प्लास्टिक, डिस्पोजल सामग्री, खाने-पीने का बचा सामान, शराब की खाली बोतलें और अन्य कचरा वहीं छोड़ जा रहे हैं।
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कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगने से जंगलों की सुंदरता धूमिल होने के साथ पर्यावरण और वन्यजीवों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगलों में बढ़ती गंदगी चिंता का विषय बन चुकी है। जगह-जगह फैला कचरा न केवल प्राकृतिक वातावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि यह वन्यजीवों के लिए भी खतरा बन रहा है। पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशासन से नियमित सफाई अभियान चलाने और जंगलों में गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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जंगलों में गंदगी फैलाने से बढ़ रहे ये खतरे
-- प्लास्टिक और अन्य कचरा खाने से वन्यजीवों के जीवन पर गंभीर खतरा मंडराता है।
-- शराब की कांच की बोतलें और ज्वलनशील कचरा जंगलों में आग लगने का कारण बन सकते हैं।
-- प्राकृतिक जलस्रोत और मिट्टी प्रदूषित होती है, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित होता है।
-- जंगलों की प्राकृतिक सुंदरता नष्ट होने से पर्यटन भी प्रभावित होता है।
-- जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन पर दीर्घकालिक दुष्प्रभाव पड़ता है।
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क्या बोले पर्यावरण प्रेमी
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जंगल केवल घूमने-फिरने की जगह नहीं, बल्कि हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं। कुछ लोगों की लापरवाही पूरे पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो आने वाली पीढ़ियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
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लोचन बिष्ट, पर्यावरण प्रेमी
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जंगलों में शराब की बोतलें, प्लास्टिक और अन्य कचरा छोड़ना बेहद गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है। प्रशासन को ऐसे स्थानों पर नियमित निगरानी बढ़ाने के साथ जुर्माने की व्यवस्था लागू करनी चाहिए, ताकि लोगों में जिम्मेदारी का भाव पैदा हो और जंगलों की स्वच्छता बनी रहे।
सुरेंद्र सिंह जलाल, पर्यावरण प्रेमी
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क्या बोले पर्यटक
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रानीखेत अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है, लेकिन जंगलों में जगह-जगह फैला कचरा देखकर निराशा हुई। यहां आने वाले प्रत्येक पर्यटक की जिम्मेदारी है कि वह प्रकृति को स्वच्छ रखे और अपने पीछे कोई कचरा न छोड़े।
अभिषेक शर्मा (पर्यटक, दिल्ली)
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जंगलों में प्लास्टिक और शराब की खाली बोतलें देखकर अच्छा नहीं लगा। यदि लोग इसी तरह गंदगी फैलाते रहे तो आने वाले समय में यहां की प्राकृतिक खूबसूरती प्रभावित होगी। पर्यटकों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

नेहा सक्सेना (पर्यटक, लखनऊ)
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कोट- जंगलों में गंदगी फैलाना भारतीय वन अधिनियम के तहत दंडनीय है। विभाग समय-समय पर लोगों को जागरूक करने के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी भी कर रहा है। जंगलों में कचरा फैलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे जंगलों की स्वच्छता बनाए रखें और पिकनिक या भ्रमण के बाद अपना कचरा अपने साथ वापस लेकर जाएं।
तापस मिश्रा, वन क्षेत्राधिकारी रानीखेत

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