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Almora Road Accident: वाहन खाई में गिरा, भतीजी की शादी से लौट रही महिला की मौत, मातम में बदलीं खुशियां

Fri, 27 Feb 2026 12:57 PM IST
गायत्री जोशी संवाद न्यूज एजेंसी
संवाद न्यूज एजेंसी Published by: गायत्री जोशी Updated Fri, 27 Feb 2026 12:57 PM IST
सार

अल्मोड़ा में भतीजी की शादी से लौट रहे परिवार का वाहन खाई में गिरने से एक महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई। घटना से खुशियां मातम में बदल गईं।

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The joy of marriage turned into mourning in a moment in almora
बसौली में दुर्घटनाग्रस्त वाहन। - फोटो : संवाद

विस्तार

अल्मोड़ा में भतीजी की शादी से लौट रही मंजू देवी की मौत की खबर सुनकर शादी वाले घर में मातम पसर गया। शादी की खुशी पलभर में मातम में बदल गई। भतीजी की शादी में मंजू ने डांस भी किया था। वह काफी खुश थीं। उनके पति इस हादसे में घायल हुए हैं।

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मंजू देवी का ससुराल कांडे गांव में है। उनका परिवार दिल्ली में रहता है। वह अपने पति गोपाल राम आर्या के साथ 26 फरवरी को भाई जीवन राम की बेटी पिंकी की शादी में मायके (झिझाड़) आईं थीं। पिंकी की वनडे बरात थी। शाम को कन्यादान के बाद मंजू देवी अपने पति के साथ वापस दिल्ली को लौट रही थीं। गांव से करीब 10 किमी दूर चुराड़ी बैंड, एक ढाबे के पास उनका वाहन 150 मीटर गहरी खाई में गिर गया। मंजू की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उनके पति गोपाल राम आर्या घायल हो गए। हादसे की सूचना जैसे ही गांव में मिली तो शादी की खुशी मातम में बदल गई। इसके बाद बरात को सादगी के साथ विदा किया गया। मंजू देवी भतीजी पिंकी की शादी को लेकर काफी खुश थीं। शादी समारोह में उसने पति के साथ डांस भी किया था।

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बेटी हमें यूं ही छोड़कर क्यों चली गई...

प्रधान मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि मंजू देवी के पिता भवानी राम का डेढ़ साल पहले निधन हो चुका है। वह सरपंच थे। घर में बूढ़ी मां कमला देवी और भाइयों का परिवार रहता है। शादी के बाद मंजू देवी को मां और भाइयों ने खुशी-खुशी विदा किया लेकिन उन्हें ये पता नहीं था कि वह उसे अंतिम बार विदा कर रहे हैं। बेटी की मौत की खबर सुनकर बूढ़ी मां का रो-रोकर बुरा हाल है। बूढ़ी मां बार-बार मंजू को पुकार रही हैं। बोल रही हैं बेटी हमें यूं ही छोड़कर क्यों चली गई। वहीं मंजू देवी करीब पांच छह महीने पहले अपने ससुराल कांडे आईं थीं। उनके भतीजे हेमंत कुमार ने बताया कि वह काफी मिलनसार थी। समय-समय पर परिजनों से बात कर कुशल लेती थी। उनके मौत से गांव में शोक की लहर है।

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जया और महेश के घर का चिराग बुझा

जया अपने पति महेश के साथ ननद पिंकी की शादी में झिझाड़ आईं थीं। शादी के लिए दोनों खुश थे। दंपती अपने साथ 11 माह के मासूम रिहान को भी शादी समारोह में लाए थे। शादी के बाद वह अपने घर को लौट रहे थे लेकिन हादसे में उनका संसार उजड़ गया। बेटे की मौत से दोनों बेसुध हैं। दोनों घायल हैं। अस्पताल में बार-बार अपने बेटे रिहान को पुकार रहे हैं। एकमात्र संतान होने से वह परिवार के आंखों का तारा था। नन्ही जान ने अभी दुनिया अच्छे से नहीं देखी थी लेकिन उससे पहले ही काल ने उसे छीन लिया।

स्थानीय लोग बने फरिश्ता

हादसे में तीन लोगों की मौत पर थापला के प्रधान हेम लोहनी, दीपक सुयाल,पंकज भाकुनी, सरिता सुयाल समेत विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने शोक जताया है। आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंच कर घायलों को बचाने में मदद की।
 

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