{"_id":"5bd3531dbdec2269ba10c274","slug":"the-first-bus-to-reach-tuna-village","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहली बार टना गांव पहुंची केमू की बस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहली बार टना गांव पहुंची केमू की बस
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Fri, 26 Oct 2018 11:17 PM IST
विज्ञापन
टना गांव पहली बार पहुंची केमू की बस।
- फोटो : अमर उजाला
3.74 करोड़ रुपये की लागत से बनी 7.125 किमी लंबी लखनाड़ी-टना सड़क का निर्माण हो गया है। इस मार्ग में शुक्रवार को पहली बार केमू की बस पहुंची। इससे क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है।
करीब 10 वर्ष पहले लखनाड़ी-टना मार्ग को स्वीकृति मिली। समरेखण विवाद और मार्ग निर्माण के लिए भूमि नहीं मिल पाने के कारण सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो पाया। बाद में प्रदेश सरकार की मंत्री रेखा आर्या के मध्यस्थता में विवाद सुलझा लिया गया। जनवरी 2017 में सड़क का निर्माण शुरू हुआ। अब सड़क का निर्माण पूरा हो गया है। सड़क के बनने से ढामुल, भेड़ी, बरगल्ला, टना गांव के ग्रामीणों को यातायात सुविधा मिलेगी। इस मार्ग का निर्माण पीएमजीएसवाई खंड लोनिवि अल्मोड़ा-दो द्वारा किया गया। मार्ग निर्माण में अधिशासी अभियंता केसी आर्या, सहायक अभियंता तुला राम टम्टा, कनिष्ठ अभियंता हरीश सिंह मर्तोलिया ने विशेष रुचि दिखाई। अधिकारियों ने बताया कि मार्ग में डामरीकरण के लिए 4.61 करोड़ का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है।
विज्ञापन
करीब 10 वर्ष पहले लखनाड़ी-टना मार्ग को स्वीकृति मिली। समरेखण विवाद और मार्ग निर्माण के लिए भूमि नहीं मिल पाने के कारण सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो पाया। बाद में प्रदेश सरकार की मंत्री रेखा आर्या के मध्यस्थता में विवाद सुलझा लिया गया। जनवरी 2017 में सड़क का निर्माण शुरू हुआ। अब सड़क का निर्माण पूरा हो गया है। सड़क के बनने से ढामुल, भेड़ी, बरगल्ला, टना गांव के ग्रामीणों को यातायात सुविधा मिलेगी। इस मार्ग का निर्माण पीएमजीएसवाई खंड लोनिवि अल्मोड़ा-दो द्वारा किया गया। मार्ग निर्माण में अधिशासी अभियंता केसी आर्या, सहायक अभियंता तुला राम टम्टा, कनिष्ठ अभियंता हरीश सिंह मर्तोलिया ने विशेष रुचि दिखाई। अधिकारियों ने बताया कि मार्ग में डामरीकरण के लिए 4.61 करोड़ का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है।
विज्ञापन