{"_id":"6aa591a3d3f779a71b0719a0","slug":"306-cases-settled-through-mutual-agreement-consensus-reached-on-amounts-worth-crores-almora-news-c-232-1-shld1002-148557-2026-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: आपसी समझौते से निपटे 306 मामले, करोड़ों की धनराशि पर बनी सहमति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: आपसी समझौते से निपटे 306 मामले, करोड़ों की धनराशि पर बनी सहमति
Sat, 12 Sep 2026 11:23 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sat, 12 Sep 2026 11:23 PM IST
विज्ञापन
अल्मोड़ा में आयोजित लोक अदालत में उमड़ी वादकारियों की भीड़।
अल्मोड़ा। राष्ट्रीय और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिले के सभी न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित हुई। इस दौरान पारिवारिक विवाद, फौजदारी और बैंक लोन से जुड़े कुल 306 मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निपटारा किया गया।
जिले के सभी न्यायालयों, बाह्य न्यायालयों और तहसील अदालतों में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों की सुनवाई और समझौते के लिए जिला मुख्यालय और बाह्य न्यायालयों को मिलाकर कुल पांच बेंचों का गठन किया गया। अदालत में वर्षों से लंबित पड़े मुकदमों और प्री-लिटिगेशन मामलों को आपसी बातचीत से सुलझाया गया। इस दौरान कुल 152 लंबित मुकदमों का निपटारा किया गया जिसमें 1 करोड़ 66 लाख 64 हजार 904 रुपये की समझौता राशि तय हुई। इसके अलावा बैंक रिकवरी से जुड़े 154 प्री-लिटिगेशन मामलों को भी बंद कराया गया जिसमें 78 लाख 87 हजार रुपये की समझौता राशि पर दोनों पक्ष सहमत हुए। लोक अदालत में मामलों के निस्तारण से जहां कोर्ट कचहरी के चक्कर काट रहे दर्जनों परिवारों को बड़ी राहत मिली है वहीं दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद भी हमेशा के लिए खत्म हो गया।
विज्ञापन
जिले के सभी न्यायालयों, बाह्य न्यायालयों और तहसील अदालतों में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों की सुनवाई और समझौते के लिए जिला मुख्यालय और बाह्य न्यायालयों को मिलाकर कुल पांच बेंचों का गठन किया गया। अदालत में वर्षों से लंबित पड़े मुकदमों और प्री-लिटिगेशन मामलों को आपसी बातचीत से सुलझाया गया। इस दौरान कुल 152 लंबित मुकदमों का निपटारा किया गया जिसमें 1 करोड़ 66 लाख 64 हजार 904 रुपये की समझौता राशि तय हुई। इसके अलावा बैंक रिकवरी से जुड़े 154 प्री-लिटिगेशन मामलों को भी बंद कराया गया जिसमें 78 लाख 87 हजार रुपये की समझौता राशि पर दोनों पक्ष सहमत हुए। लोक अदालत में मामलों के निस्तारण से जहां कोर्ट कचहरी के चक्कर काट रहे दर्जनों परिवारों को बड़ी राहत मिली है वहीं दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद भी हमेशा के लिए खत्म हो गया।
विज्ञापन