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Almora News: मोहान क्षेत्र में बाघ को रेस्क्यू करने के लिए निगरानी बढ़ाई
Thu, 27 Aug 2026 12:36 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 27 Aug 2026 12:36 AM IST
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कैमरा ट्रैप देखते वन कर्मी। स्रोत- वन विभाग
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। मोहान वन क्षेत्र के डभरा-सौराल, तड़म और काठ की नाव क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने और बाघ को रेस्क्यू करने के लिए वन विभाग ने निगरानी और रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया है। उप प्रभागीय वनाधिकारी, रानीखेत की ओर से गठित टीमें क्षेत्र में लगातार कैंप कर बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
मोहान रेंज की रेंजर हेमा कर्नाटक ने बताया कि वन्यजीव रेस्क्यू अभियान के तहत क्षेत्र में 10 पिंजरे लगाए गए हैं। बाघ की गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए दो ड्रोन, दो लाइव कैमरे और 45 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। गश्ती दल लगातार क्षेत्र में गश्त और निगरानी कर रहा है। साथ ही सभी उपकरणों की नियमित जांच की जा रही है।
रेस्क्यू अभियान के दौरान सुरक्षा के लिए छह एनाइडर, सात फोक्स लाइट, राइफल और गांधी बंदूक समेत अन्य सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वन विभाग की रेस्क्यू टीम बाघ को सुरक्षित पकड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। अभियान में कॉर्बेट की विशेषज्ञ टीम का सहयोग भी लिया जा रहा है। वहीं, चिकित्सकों की टीम भी रेस्क्यू दल के साथ तैनात है।
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ग्रामीणों को वन्यजीवों के प्रति सतर्क करने के लिए गांव में जागरूकता संबंधी पोस्टर लगाए जा रहे हैं और लाउडस्पीकर के माध्यम से भी लोगों को सावधान किया जा रहा है। डभरा-सौराल और तड़म क्षेत्र के रास्तों व पगडंडियों पर झाड़ियों की कटाई भी कराई जा रही है। इससे बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा में मदद मिलने की उम्मीद है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाघ को रेस्क्यू करने के लिए निगरानी, गश्त और अन्य सभी आवश्यक प्रयास लगातार जारी हैं।
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मोहान रेंज की रेंजर हेमा कर्नाटक ने बताया कि वन्यजीव रेस्क्यू अभियान के तहत क्षेत्र में 10 पिंजरे लगाए गए हैं। बाघ की गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए दो ड्रोन, दो लाइव कैमरे और 45 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। गश्ती दल लगातार क्षेत्र में गश्त और निगरानी कर रहा है। साथ ही सभी उपकरणों की नियमित जांच की जा रही है।
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रेस्क्यू अभियान के दौरान सुरक्षा के लिए छह एनाइडर, सात फोक्स लाइट, राइफल और गांधी बंदूक समेत अन्य सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वन विभाग की रेस्क्यू टीम बाघ को सुरक्षित पकड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। अभियान में कॉर्बेट की विशेषज्ञ टीम का सहयोग भी लिया जा रहा है। वहीं, चिकित्सकों की टीम भी रेस्क्यू दल के साथ तैनात है।
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ग्रामीणों को वन्यजीवों के प्रति सतर्क करने के लिए गांव में जागरूकता संबंधी पोस्टर लगाए जा रहे हैं और लाउडस्पीकर के माध्यम से भी लोगों को सावधान किया जा रहा है। डभरा-सौराल और तड़म क्षेत्र के रास्तों व पगडंडियों पर झाड़ियों की कटाई भी कराई जा रही है। इससे बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा में मदद मिलने की उम्मीद है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाघ को रेस्क्यू करने के लिए निगरानी, गश्त और अन्य सभी आवश्यक प्रयास लगातार जारी हैं।