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पंचेश्वर बांध निर्माण से पूर्व प्रभावितों के लिए बने योजना : रावत
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
Updated Sun, 01 Oct 2017 10:08 PM IST
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कोसी में पत्रकारों से वार्ता करते पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत।
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि पंचेश्वर बांध के निर्माण से क्षेत्र की सामाजिक, भौगोलिक स्थित और संस्कृति में अंतर आएगा। बांध की विशालता को देखते हुए व्यापक योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि बांध की डीपीआर और पर्यावरण स्वीकृति को सार्वजनिक करना चाहिए। बांध के प्रस्तावित डूब क्षेत्र जौलजीबी, दारमा को जाते समय पूर्व सीएम यहां कोसी में एक होटल में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
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एक सवाल के जवाब में हरीश रावत ने कहा कि पंचेश्वर बांध को लेकर वह भी अध्ययन कर रहे हैं। फिलहाल बांध के बनने, नहीं बनने पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि बांध के डूब क्षेत्र जौलजीबी, बरम आदि क्षेत्रों में जाकर लोगों की समस्याओं को समझने का प्रयास करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि बांध विस्थापितों की सरकार को कोई चिंता नहीं है। सरकार ने पंचेश्वर बांध पर न तो विधानसभा में चर्चा कराई और न ही विशेषज्ञों, राजनैतिक दलों से इस मुद्दे पर चर्चा की।
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रावत ने आरोप लगाया कि सब्सिडी के नाम एनडीए सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली को समाप्त कर रही है। इससे प्रदेश के करीब 10 हजार से अधिक सस्ता गल्ला दुकानों को बंद करने की साजिश की जा रही है। महंगाई से आम जन परेशान है पर केंद्र सरकार महंगाई को लोगों के शौक में शामिल कर रही है। महंगाई को राष्ट्रवाद का प्रतीक बनाया जा रहा है।
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एनडीए और त्रिवेंद सरकार का रोजगार सृजन का रिकार्ड भी निराशाजनक है। संगठित क्षेत्र में यूपीए सरकार ने जहां 2011 में 17 लाख पद भरे वहीं राजग ने 2016 में 1.3 लाख, 2017 में 1.5 पद ही भरे हैं। प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने 30 हजार में से 18 हजार पद भरे और 12 हजार पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन त्रिवेंद्र सरकार इन पदों को नहीं भर रही है। खाली पदों को शून्य घोषित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना में 1800 रुपये सब्सिडी देकर सालभर में उपभोक्ताओं से 2800 रुपये वसूले जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम काम काफी कम होने के बाद भी देश में पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम यथावत हैं। मोदी सरकार को उन्होंने गरीब विरोधी बताया। पालिका में सीमावर्ती गांवों को शामिल करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर लोगों से राय लेकर ही फैसला होना चाहिए। इस मौके पर पूर्व विधायक मनोज तिवारी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे आदि थे।