फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   People face the problems.

Almora News: संशोधित..कुमाऊं-गढ़वाल में गर्मी में पेयजल संकट गहराने के आसार

Tue, 25 Feb 2025 11:53 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Tue, 25 Feb 2025 11:53 PM IST
विज्ञापन
People face the problems.
अल्मोड़ा। राज्य में इस गर्मी पेयजल संकट गहराने के आसार बन रहे हैं। गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र में जल जीवन मिशन की करीब 16,500 से ज्यादा योजनाएं बजट के अभाव में लटक गईं हैं। ठेकेदारों ने लिखित दे दिया है कि जब तक उन्हें बकाया भुगतान नहीं किया जाएगा, वे काम नहीं करेंगे। करीब 3500 करोड़ रुपये बकाया होने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन

ठेकेदार संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने बताया कि पूरे प्रदेश में करीब 9500 करोड़ रुपये की 16,500 से ज्यादा योजनाएं निर्माणाधीन हैं। इसमें से 6000 करोड़ रुपये ही जारी हुए थे। करीब 3500 करोड़ अब भी बकाया है। किस्तों में भुगतान होने से सभी योजनाएं अधूरी हैं। इनमें से करीब 10,000 योजनाएं गढ़वाल और 6500 कुमाऊं में प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि हर ठेकेदार ने कर्ज लेकर योजना में पैसा लगाया हुआ है।
विज्ञापन

प्राथमिकता वाली पंपिंग योजनाओं पर दिया जा रहा जोर : कुमार

जल जीवन मिशन के कुमाऊं मंडल के मुख्य अभियंता आलोक कुमार ने बताया कि अधिकतर योजनाएं लटक गईं हैं। इसलिए उनकी प्राथमिकता ऐसी योजनाओं पर है जिनमें अब काम कम बचा हुआ है। कम पैसे में ज्यादा काम कराकर तात्कालिक आवश्यकता को देखते हुए अल्मोड़ा और बागेश्वर जनपद की ऐसी पंपिंग योजनाएं शुरू कराने पर जोर दिया गया है। पेयजल की किल्लत न हो, इसके लिए जल निगम प्रशासन लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले वर्ष ही पूरे होने थे काम
जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल और जल पहुंचाने का अभियान पिछले वर्ष तक पूरा होना था, लेकिन योजनाएं अधूरी पड़ी हैं। ऐसा कोई गांव नहीं है, जहां योजनाओं के लिए सड़कें खोदी न गई हों, लेकिन काम पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में, गर्मी में पेयजल की भारी किल्लत होने की आशंका जताई जा रही है।

प्राथमिकता वाली योजनाओं पर जोर
जल जीवन मिशन के कुमाऊं मंडल के मुख्य अभियंता आलोक कुमार ने बताया कि अधिकतर योजनाएं लटक गई हैं, इसलिए उनकी प्राथमिकता ऐसी योजनाओं पर है, जिनमें काम कम बचा हुआ है। कम पैसे में ज्यादा काम कराकर तात्कालिक आवश्यकता को देखते हुए अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों की पंपिंग योजनाओं पर जोर दिया गया है।



अल्मोड़ा में 150 से अधिक योजनाओं की जांच

अल्मोड़ा जिले में करीब 400 पंपिंग योजनाएं अधर में हैं। इनमें से करीब 150 योजनाओं की जांच प्रशासन की ओर से की जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी दीवेश शाशनी ने बताया कि इन सभी योजनाओं की जांच लगातार जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed