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Almora News: फाइलों में दब गई सीवर लाइन की जांच
Tue, 10 Dec 2024 11:31 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 10 Dec 2024 11:31 PM IST
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अल्मोड़ा। नगर के रानीधारा क्षेत्र में करीब एक दशक पहले डाली गई सीवर लाइन में भारी खामियों की शिकायत पर पूर्व जिला अधिकारी द्वारा बनाई गई जांच समिति ने जो भी जांच की होगी वह फाइलों में ही सिमट कर रह गई। उसकी रिपोर्ट बाहर ही नहीं आई।
मंगलवार को जिला अधिकारी आलोक कुमार पांडे ने जब इस मामले की समीक्षा के लिए संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाई तो कोई भी उन्हें जांच रिपोर्ट नहीं दिखा पाया। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जिला अधिकारी ने अब मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी की अध्यक्षता में नई जांच समिति बनाई है और उन्हें एक पखवाड़े में पूरी जांच करके रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
जिला अधिकारी आलोक कुमार पांडे ने मंगलवार को रानीधारा क्षेत्र में डाली गई सीवर लाइन की समीक्षा करने के लिए उत्तराखंड पेयजल निर्माण निगम और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। इस दौरान बताया गया कि करीब एक दशक पहले डाली गई सीवर लाइन के निर्माण में भारी अनियमितताएं की गई थी।
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इस कारण पूरा प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक संचालित नहीं हो सका। तत्कालीन जिला अधिकारी विनीत तोमर ने एक जांच समिति बनाई थी और समिति को रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था लेकिन रिपोर्ट पेश नहीं की गई।
जिला अधिकारी आलोक कुमार पांडे ने जब संबंधित अधिकारियों से पूछा तो बताया गया कि जिन अधिकारियों से जांच में सहयोग मांगा गया था उन्होंने जांच के बिंदुओं के अनुसार कोई तथ्य ही उपलब्ध नहीं कराए कोई जानकारी ही नहीं दी। इसे जांच पूरी ही नहीं हो पाई।
जो दस्तावेज आधे अधूरे दिए भी गए थे वह भी पूरे दस्तावेज उपलब्ध कराने के नाम पर वापस ले लिए गए। इसके बाद भी जांच आगे नहीं बढ़ पाई। जिला अधिकारी ने मंगलवार को जब पूरी स्थिति को देखा और मौखिक तौर पर ही सीवर लाइन की स्थिति की जानकारी मांगी तो बताया गया कि इसके निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं बरती गई हैं।
जिला अधिकारी ने इसे घोर लापरवाही माना और मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी की अध्यक्षता में नई जांच समिति बनाई गई है। जिला अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मामले की पूरी निष्पक्षता के साथ जांच की जाए और जो भी कमियां हैं उन्हें ठीक करने के साथ ही दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
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मंगलवार को जिला अधिकारी आलोक कुमार पांडे ने जब इस मामले की समीक्षा के लिए संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाई तो कोई भी उन्हें जांच रिपोर्ट नहीं दिखा पाया। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जिला अधिकारी ने अब मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी की अध्यक्षता में नई जांच समिति बनाई है और उन्हें एक पखवाड़े में पूरी जांच करके रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
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जिला अधिकारी आलोक कुमार पांडे ने मंगलवार को रानीधारा क्षेत्र में डाली गई सीवर लाइन की समीक्षा करने के लिए उत्तराखंड पेयजल निर्माण निगम और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। इस दौरान बताया गया कि करीब एक दशक पहले डाली गई सीवर लाइन के निर्माण में भारी अनियमितताएं की गई थी।
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इस कारण पूरा प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक संचालित नहीं हो सका। तत्कालीन जिला अधिकारी विनीत तोमर ने एक जांच समिति बनाई थी और समिति को रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था लेकिन रिपोर्ट पेश नहीं की गई।
जिला अधिकारी आलोक कुमार पांडे ने जब संबंधित अधिकारियों से पूछा तो बताया गया कि जिन अधिकारियों से जांच में सहयोग मांगा गया था उन्होंने जांच के बिंदुओं के अनुसार कोई तथ्य ही उपलब्ध नहीं कराए कोई जानकारी ही नहीं दी। इसे जांच पूरी ही नहीं हो पाई।
जो दस्तावेज आधे अधूरे दिए भी गए थे वह भी पूरे दस्तावेज उपलब्ध कराने के नाम पर वापस ले लिए गए। इसके बाद भी जांच आगे नहीं बढ़ पाई। जिला अधिकारी ने मंगलवार को जब पूरी स्थिति को देखा और मौखिक तौर पर ही सीवर लाइन की स्थिति की जानकारी मांगी तो बताया गया कि इसके निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं बरती गई हैं।
जिला अधिकारी ने इसे घोर लापरवाही माना और मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी की अध्यक्षता में नई जांच समिति बनाई गई है। जिला अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मामले की पूरी निष्पक्षता के साथ जांच की जाए और जो भी कमियां हैं उन्हें ठीक करने के साथ ही दोषियों पर कार्रवाई की जाए।