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शिक्षकों द्वारा कराए गए आनलाइन शिक्षण की होगी जांच
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अल्मोड़ा। लॉकडाउन के दौरान शिक्षकों द्वारा बच्चों को कराए गए ऑनलाइन शिक्षण की जांच होगी। एक नवंबर से स्कूल खुलने पर ब्लॉक स्तरीय कमेटी इसकी जांच करेगी कि शिक्षकों ने बच्चों को आनलाइन व्हाट्सएप, वीडियो और वर्कसीट के जरिये क्या-क्या शिक्षण कराया। इस संबंध में छात्र-छात्राओं से भी फीडबैक लिया जाएगा।
कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन के चलते 23 मार्च से स्कूल बंद हैं। सरकार ने बच्चों को वीडियो रिकार्डिंग, व्हाट्सएप और वर्कशीट के जरिये ऑनलाइन शिक्षण के निर्देश जारी किए थे। इसके लिए बकायदा जिला मुख्यालयों में तीन दर्जन से अधिक शिक्षकों ने कक्षा एक से बारहवीं तक के बच्चों के लिए वीडियो रिकार्डिंग, वर्कशीट आदि से सभी विषयों का पाठ्यक्रम तैयार किया था। इस पाठ्यक्रम को ब्लॉकों के माध्यम से प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों को भेजा गया था। ताकि शिक्षक अपने-अपने स्कूलों के बच्चों को आन लाइन शिक्षण दें, जिन बच्चों के पास स्मार्ट फोन नहीं हैं उन्हें वर्कसीट के माध्यम से अध्यापन करने को कहा था। दो नवंबर से दसवीं और बारहवीं की कक्षाएं संचालन के साथ ही स्कूल भी खुल जाएंगे।
मुख्य शिक्षा अधिकारी एचबी चंद ने बताया कि शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में बच्चों को अब तक पढ़ाए गए पाठ्यक्रम को लेकर लॉगसीट जमा करेंगे। वर्तमान में ब्लॉक स्तर पर गठित जो समिति शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच कर रही है। वह कमेटी स्कूल बंद रहने पर शिक्षकों द्वारा कराए गए ऑनलाइन शिक्षण और उनके द्वारा तैयार की गई लॉगबुक की भी जांच करेगी। जांच में जो शिक्षक लापरवाह मिलेंगे उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन के चलते 23 मार्च से स्कूल बंद हैं। सरकार ने बच्चों को वीडियो रिकार्डिंग, व्हाट्सएप और वर्कशीट के जरिये ऑनलाइन शिक्षण के निर्देश जारी किए थे। इसके लिए बकायदा जिला मुख्यालयों में तीन दर्जन से अधिक शिक्षकों ने कक्षा एक से बारहवीं तक के बच्चों के लिए वीडियो रिकार्डिंग, वर्कशीट आदि से सभी विषयों का पाठ्यक्रम तैयार किया था। इस पाठ्यक्रम को ब्लॉकों के माध्यम से प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों को भेजा गया था। ताकि शिक्षक अपने-अपने स्कूलों के बच्चों को आन लाइन शिक्षण दें, जिन बच्चों के पास स्मार्ट फोन नहीं हैं उन्हें वर्कसीट के माध्यम से अध्यापन करने को कहा था। दो नवंबर से दसवीं और बारहवीं की कक्षाएं संचालन के साथ ही स्कूल भी खुल जाएंगे।
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मुख्य शिक्षा अधिकारी एचबी चंद ने बताया कि शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में बच्चों को अब तक पढ़ाए गए पाठ्यक्रम को लेकर लॉगसीट जमा करेंगे। वर्तमान में ब्लॉक स्तर पर गठित जो समिति शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच कर रही है। वह कमेटी स्कूल बंद रहने पर शिक्षकों द्वारा कराए गए ऑनलाइन शिक्षण और उनके द्वारा तैयार की गई लॉगबुक की भी जांच करेगी। जांच में जो शिक्षक लापरवाह मिलेंगे उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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