{"_id":"66c7a8d7c9e11b1f070a4dd9","slug":"not-arresting-the-accused-cost-the-inspector-dearly-almora-news-c-232-1-alm1004-116166-2024-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: आरोपियों की गिरफ्तारी न करना दरोगा को पड़ा भारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: आरोपियों की गिरफ्तारी न करना दरोगा को पड़ा भारी
Fri, 23 Aug 2024 02:38 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Fri, 23 Aug 2024 02:38 AM IST
विज्ञापन
अल्मोड़ा। जिले के द्वाराहाट में चौखुटिया रोड पर मीट की दुकान में मारपीट कर उत्पात मचाने और पुलिस कर्मी के साथ अभद्रता कर मारपीट करने और वर्दी फाड़ने के मामले में कार्रवाई न करना द्वाराहाट के प्रभारी थानाध्यक्ष को भारी पड़ गया। एसएसपी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
सोमवार को चौखुटिया रोड पर एक मांस की दुकान में कुछ लोगों ने मुफ्त में मांस न देने पर मीट विक्रेता पर धारदार हथियार से हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। आरोप है कि अराजक तत्वों ने पुलिस के जवान के साथ भी मारपीट की और उनकी वर्दी भी फाड़ दी। बाद में पुलिस ने इस मामले में पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामले के संज्ञान में आने के बाद एसएसपी देवेंद्र पींचा ने प्रभारी थानाध्यक्ष धरम सिंह की भूमिका को लापरवाही पूर्ण माना। उन्होंने कहा है कि पीड़ित मांस विक्रेता और जवान की तहरीर के बाद भी पुलिस ने मुकदमा समय से दर्ज नहीं किया। एसएसपी ने बताया कि थानाध्यक्ष ने न तो समय रहते प्रभावी कार्रवाई की और न ही उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। जिस कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
विज्ञापन
सोमवार को चौखुटिया रोड पर एक मांस की दुकान में कुछ लोगों ने मुफ्त में मांस न देने पर मीट विक्रेता पर धारदार हथियार से हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। आरोप है कि अराजक तत्वों ने पुलिस के जवान के साथ भी मारपीट की और उनकी वर्दी भी फाड़ दी। बाद में पुलिस ने इस मामले में पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामले के संज्ञान में आने के बाद एसएसपी देवेंद्र पींचा ने प्रभारी थानाध्यक्ष धरम सिंह की भूमिका को लापरवाही पूर्ण माना। उन्होंने कहा है कि पीड़ित मांस विक्रेता और जवान की तहरीर के बाद भी पुलिस ने मुकदमा समय से दर्ज नहीं किया। एसएसपी ने बताया कि थानाध्यक्ष ने न तो समय रहते प्रभावी कार्रवाई की और न ही उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। जिस कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
विज्ञापन