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Almora News: दो सौ मीटर दूर बाघ देखकर स्तब्ध रह गए दिव्यांग हीराराम
Wed, 16 Sep 2026 12:27 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 16 Sep 2026 12:27 AM IST
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट विकासखंड के सौराल गांव के दर्जियाधौड़ तोक में एक बार फिर बाघ की धमक से ग्रामीणों में दहशत है। इस तोक में मंगलवार सुबह करीब सात बजे अकेले रह रहे (बोलने में असमर्थ) मूक व्यक्ति हीराराम के सामने अचानक बाघ आ गया। बाघ उनसे करीब दो सौ मीटर की दूरी पर था और लगातार उनकी ओर बढ़ रहा था। बाघ को अपनी तरफ आता देख हीराराम के होश उड़ गए।
बोलने में असमर्थ होने के कारण वह मदद के लिए पुकार भी नहीं सकते थे। घबराए हीराराम के मुंह से दबे गले से अस्पष्ट आवाजें निकलने लगीं। वह किसी तरह पड़ोसी बालीराम की तरफ भागे। उनकी आवाज और घबराहट को भांपकर बालीराम तत्काल बाहर आ गए और डंडा उठाकर शोर मचाते हुए हीराराम की ओर दौड़ पडे। बालीराम के अनुसार मौके पर पहुंचने पर उन्होंने भी बाघ को देखा। ग्रामीणों के शोरगुल से बाघ पलटा और शिवाड़ी तोक की तरफ चला गया।
इसके बाद ग्रामीणों ने मोबाइल के जरिये शिवाड़ी तोक के लोगों को भी बाघ के आने की सूचना देकर सतर्क कर दिया। कुछ दूरी पर रहने वाले भरत ने भी शोरगुल सुना तो उनका पूरा परिवार घर से बाहर निकल आया। सभी लोगों ने शोर मचाया। बाद में बाघ को शिवाड़ी तोक की तरफ जाते हुए भी देखा गया।
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अकेले रहते हैं दिव्यांग हीराराम
ग्रामीणों के मुताबिक हीराराम बोल नहीं पाते हैं। वह दर्जियाधौड़ में अपने घर में अकेले रहते हैं। बाघ के अचानक उनके सामने आने से उनकी स्थिति भयावह हो गई। अगर समय पर आसपास के ग्रामीण उसकी आवाज सुनकर नहीं पहुंचते तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना की सूचना ग्राम प्रधान प्रतिनिधि भरत बिष्ट को दी गई। उन्होंने तत्काल वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को जानकारी दी। इसके बाद वन विभाग की टीम दिन में मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने गांव और आसपास के क्षेत्रों में गश्त कर ग्रामीणों को जागरूक किया। ग्रामीणों को अकेले घर से बाहर न निकलने और विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई।
ग्रामीण बोले-अब डर के साए में जीना मजबूरी
बाघ की दोबारा दस्तक से दर्जियाधौड़ और आसपास के तोकों के ग्रामीणों में फिर दहशत है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी बाघ जानलेवा घटनाओं को अंजाम दे चुका है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बाघ को जल्द से जल्द पकड़कर रेस्क्यू सेंटर भेजा जाए। प्रधान प्रतिनिधि भरत बिष्ट ने ग्रामसभा के सभी लोगों को ग्रुप मैसेज भेजकर सतर्क रहने की अपील की है। बाघ की मौजूदगी से गांव में फिर वही खौफ लौट आया है। लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं।
कोट
दर्जीयाधोड़ में बाघ दिखाई देने की सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने दर्जीयाधोड़ समेत गोदी, खोल्यो धार, दाना-पानी, टोटाम, सौराल, जीवलखाल और चौरेआम क्षेत्रों में गश्त कर ग्रामीणों को सतर्क किया। ग्रामीणों से घरों के आसपास पर्याप्त रोशनी रखने, झाड़ियों की सफाई करने और जंगल जाने वाली महिलाओं व स्कूली बच्चों को समूह में जाने की अपील की गई है। साथ ही रात में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने तथा पालतू मवेशियों को खुले में न बांधने की सलाह दी गई है। - हेमा कर्नाटक वन क्षेत्राधिकारी मोहान
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बोलने में असमर्थ होने के कारण वह मदद के लिए पुकार भी नहीं सकते थे। घबराए हीराराम के मुंह से दबे गले से अस्पष्ट आवाजें निकलने लगीं। वह किसी तरह पड़ोसी बालीराम की तरफ भागे। उनकी आवाज और घबराहट को भांपकर बालीराम तत्काल बाहर आ गए और डंडा उठाकर शोर मचाते हुए हीराराम की ओर दौड़ पडे। बालीराम के अनुसार मौके पर पहुंचने पर उन्होंने भी बाघ को देखा। ग्रामीणों के शोरगुल से बाघ पलटा और शिवाड़ी तोक की तरफ चला गया।
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इसके बाद ग्रामीणों ने मोबाइल के जरिये शिवाड़ी तोक के लोगों को भी बाघ के आने की सूचना देकर सतर्क कर दिया। कुछ दूरी पर रहने वाले भरत ने भी शोरगुल सुना तो उनका पूरा परिवार घर से बाहर निकल आया। सभी लोगों ने शोर मचाया। बाद में बाघ को शिवाड़ी तोक की तरफ जाते हुए भी देखा गया।
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अकेले रहते हैं दिव्यांग हीराराम
ग्रामीणों के मुताबिक हीराराम बोल नहीं पाते हैं। वह दर्जियाधौड़ में अपने घर में अकेले रहते हैं। बाघ के अचानक उनके सामने आने से उनकी स्थिति भयावह हो गई। अगर समय पर आसपास के ग्रामीण उसकी आवाज सुनकर नहीं पहुंचते तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना की सूचना ग्राम प्रधान प्रतिनिधि भरत बिष्ट को दी गई। उन्होंने तत्काल वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को जानकारी दी। इसके बाद वन विभाग की टीम दिन में मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने गांव और आसपास के क्षेत्रों में गश्त कर ग्रामीणों को जागरूक किया। ग्रामीणों को अकेले घर से बाहर न निकलने और विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई।
ग्रामीण बोले-अब डर के साए में जीना मजबूरी
बाघ की दोबारा दस्तक से दर्जियाधौड़ और आसपास के तोकों के ग्रामीणों में फिर दहशत है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी बाघ जानलेवा घटनाओं को अंजाम दे चुका है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बाघ को जल्द से जल्द पकड़कर रेस्क्यू सेंटर भेजा जाए। प्रधान प्रतिनिधि भरत बिष्ट ने ग्रामसभा के सभी लोगों को ग्रुप मैसेज भेजकर सतर्क रहने की अपील की है। बाघ की मौजूदगी से गांव में फिर वही खौफ लौट आया है। लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं।
कोट
दर्जीयाधोड़ में बाघ दिखाई देने की सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने दर्जीयाधोड़ समेत गोदी, खोल्यो धार, दाना-पानी, टोटाम, सौराल, जीवलखाल और चौरेआम क्षेत्रों में गश्त कर ग्रामीणों को सतर्क किया। ग्रामीणों से घरों के आसपास पर्याप्त रोशनी रखने, झाड़ियों की सफाई करने और जंगल जाने वाली महिलाओं व स्कूली बच्चों को समूह में जाने की अपील की गई है। साथ ही रात में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने तथा पालतू मवेशियों को खुले में न बांधने की सलाह दी गई है। - हेमा कर्नाटक वन क्षेत्राधिकारी मोहान