अल्मोड़ा। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) ने देश में सार्वजनिक प्रतिष्ठानों का निजीकरण बंद करने समेत सात सूत्री मांगों को लेकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने मांगों को लेकर जिला प्रशासन को माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा।
उन्होंने ज्ञापन में सार्वजनिक संस्थान रेल आयुध निर्माण, कोल इंडिया हवाई अड्डों का निजीकरण बंद करने, सबसे के लिए निशुल्क सार्वभौम स्वास्थ्य की व्यवस्था करने, अगले छह माह के लिए प्रत्येक व्यक्ति को दस किलो निशुल्क राशन प्रतिमाह दिलाने, कोरोना काल में गैर आयकर परिवारों के नुकसान की भरपाई के लिए छह माह तक प्रतिमाह 7500 रुपये भुगतान करने, मनरेगा में प्रत्येक परिवार को साल में दो सौ दिन काम और छह सौ रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने के लिए धनावंटन करने की भी मांग उठाई है। सीटू ने कृषि उपज वाणिज्य और व्यापार समझौता, कृषि सेवा अधिनियम 2020, आवश्यक वस्तु अधिनियम 2020, विद्युत अधिनियम और श्रम कानूनों में किए गए संशोधनों को तत्काल रद्द करने की भी मांग की है। कहा कि बंदरों और सुअरों को हिमाचल की तरह किसानों का दुश्मन घोषित कर उनसे निजात दिलाई जानी चाहिए। प्रदर्शन करने वालों में सीटू के जिला सचिव राजेंद्र प्रसाद जोशी, अखिल भारतीय किसान सभा के जिला सचिव दिनेश पांडे, एड्वा की प्रदेश अध्यक्ष सुनीता पांडे, मुन्नी प्रसाद, राधा नेगी, मंजू बिष्ट आदि थे।