Uttarakhand: अल्मोड़ा में तेंदुए का आतंक, आबादी क्षेत्र में आवाजाही से लोगों में दहशत
अल्मोड़ा जिले में तेंदुए की लगातार बढ़ती गतिविधियों से दहशत का माहौल है। शाम के समय तेंदुआ आबादी क्षेत्र में धमक रहा है। इससे लोगों को जान का खतरा बना है।
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अल्मोड़ा जिले के विभिन्न स्थानों पर तेंदुए की दहशत से लोग परेशान हैं। शाम के समय तेंदुआ आबादी क्षेत्र में धमक रहा है। इससे लोगों को जान का खतरा बना है। ग्रामीण इलाकों में तेंदुआ अब तक कई मवेशियों को निवाला बना चुका है। नगर के नंदादेवी क्षेत्र, ढूंगाधारा, खत्याड़ी इलाके में तेंदुआ कई बार रात को आबादी क्षेत्र में धमक रहा है।
इस कारण ड्यूटी के बाद देर रात घर लौट रहे लोगों को जान का खतरा बना रहता है। ढूंगाधारा निवासी करन सिंह ने बताया कि तेंदुए के मोहल्ले में आने से लोग भयभीत हैं। जिले के कनोली, चौकुना, सैनोली, दाड़िमी, नौगांव, बरम, बाराकोट आदि क्षेत्रों में भी तेंदुए की दहशत बनी है। पशुपालक सीएस बिष्ट ने बताया कि तेंदुआ अब तक 15 से अधिक मवेशियों को निवाला बना चुका है। तेंदुए के भय से महिलाएं अकेले घास, जलौनी लकड़ी लेने जंगल नहीं जा रही हैं। कई बच्चे जंगलों के रास्ते स्कूल को आवाजाही करते हैं। ऐसे में उन्हें भी खतरा बना रहता है।
रानीखेत और चौखुटिया के कई गांवों में दहशत
रानीखेत/चौखुटिया। रानीखेत क्षेत्र के फलद्वाड़ी, वलना, गणियाद्योली, डोबा, अम्याड़ी, खिरखेत, ऐरोड़ आदि गांवों में तेंदुए की दहशत बढ़ गई है। वहीं चौखुटिया क्षेत्र के सिमलखेत, जमणिया, टटलगांव, रामपुर, सुनगढ़ी, मासी के मोहणा आदि क्षेत्र में भी तेंदुए की दहशत से लोग परेशान हैं। लोगों को शाम के समय जल्दी घर लौटना पड़ रहा है। बच्चों को अकेले स्कूल भेजने में उनकी जान का खतरा बना रहता है।
तेंदुए से नुकसान की सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेजा जाएगा। फिलहाल ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है। जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। - दीपक सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी अल्मोड़ा वन प्रभाग