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वकीलों ने भोजनावकाश के बाद न्यायिक कार्य नहीं किया
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Fri, 21 Apr 2017 10:53 PM IST
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एडीएम को ज्ञापन सौंपते वकील।
- फोटो : अमर उजाला
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अधिवक्ता अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों से अधिवक्ता गुस्से में हैं। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आह्वान पर शुक्रवार को भोजनावकाश के बाद अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। बाद में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
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अधिवक्ता अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन का अधिवक्ताओं ने विरोध किया है और इसे अधिवक्ताओं के अधिकारों का हनन बताया है। उनका कहना है कि अधिक्ताओं पर नए प्रावधानों से बहुत बंदिशें थोपी जा सकती हैं। जिससे अधिवक्ताओं का व्यवसाय प्रभावित होगा और अधिवक्ता स्वतंत्र रूप से न्यायालयों में पूर्ण मनोयोग से कार्य नहीं कर पाएंगे।
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बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आह्वान पर आक्रोशित अधिवक्ताओं ने भोजनावकाश के पश्चात विरोध स्वरूप न्यायिक कार्य नहीं किए। बाद में कलक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन भेजने वालों में बार के अध्यक्ष भानु तिलारा, उपाध्यक्ष गोकुल जोशी, सचिव पंकज लटवाल, भावना जोशी, विजया रौतेला, प्रभा पांडे, रंजना सिंह, जगदीश तिवारी, हर्षवर्धन साह, विनोद लोहनी आदि शामिल थे।
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