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Almora News: आसमान से ड्रोन तो जमीन पर 45 कैमरों और 11 पिंजरों से रखी जा रही है बाघ पर नजर

Sat, 29 Aug 2026 11:27 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Sat, 29 Aug 2026 11:27 PM IST
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While drones monitor from the sky, the tiger is being tracked on the ground using 45 cameras and 11 cages.
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। मानव-वन्यजीव संघर्ष की लगातार बढ़ती घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने मोहान वन क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों में हाईटेक रेस्क्यू और निगरानी अभियान तेज कर दिया है। क्षेत्र में सक्रिय बाघ को पकड़ने के लिए उप प्रभागीय वनाधिकारी रानीखेत के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें डभरा-सौराल, तड़म ग्रामसभा तथा काट की नांव जैसे अत्यधिक संवेदनशील इलाकों में दिन-रात कैंप कर लगातार गश्त और कड़ी निगरानी कर रही हैं।
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वन विभाग ने इस बार बाघ को सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। वन्यजीव की सटीक लोकेशन और गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए दो आधुनिक ड्रोन कैमरों से आसमान से निगरानी रखी जा रही है। इसके साथ ही जंगल और ग्रामीण इलाकों में दो लाइव कैमरे और 45 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। बाघ को कैद करने के लिए तड़म ग्रामसभा में एक नया पिंजरा बढ़ाते हुए अब क्षेत्र में कुल 11 पिंजरे सक्रिय कर दिए गए हैं। इस बेहद पेचीदा रेस्क्यू अभियान को सफल बनाने के लिए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की विशेषज्ञ टीम और डॉक्टरों का विशेष दस्ता भी लगातार मौके पर जुटा हुआ है।
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लाउडस्पीकर से ग्रामीणों को किया जा रहा अलर्ट
रेस्क्यू और निगरानी टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए छह एनक्लोजर, सात हाई-पावर फ्लैश लाइट और अन्य अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण दिए गए हैं। गश्ती दल लगातार पिंजरों और कैमरा ट्रैप की जांच कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावित गांवों में लाउडस्पीकर के जरिये मुनादी कराई जा रही है। जगह-जगह पोस्टर लगाकर लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी जा रही है। वन विभाग ने साफ किया है कि जब तक वन्यजीव को सुरक्षित रेस्क्यू नहीं कर लिया जाता तब तक यह अभियान पूरी मुस्तैदी के साथ जारी रहेगा।
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