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Almora News: युवाओं के शरीर और दिमाग को बीमार कर रही अनिद्रा
Fri, 15 Mar 2024 12:38 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Fri, 15 Mar 2024 12:38 AM IST
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विश्व निद्रा दिवस आज
15 से 25 मरीज इलाज के लिए रोजाना आते हैंं जिला अस्पताल में
संवाद न्यूज एजेंसी
अल्मोड़ा। अधूरी नींद (अनिद्रा) शरीर ही नहीं दिमाग की सेहत के लिए भी खतरा बन गई है। नींद न आने या अपर्याप्त नींद की वजह से लोग हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, मोटापा, मानसिक बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में नींद से संबंधित बीमारियों के 15 से 25 मरीज रोज इलाज के लिए आ रहे हैं। इसमें युवा सर्वाधिक हैंं।
जिला अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ के मुताबिक नींद की कमी का नकारात्मक असर दिमाग पर भी पड़ता है। यदि व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं ले पा रहा है तो इससे उसकी दिमागी क्षमता कम हो जाती है। नींद पूरी नहीं होने से दिमाग को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता है। जिससे उसकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है। लेकिन पर्याप्त नींद नहीं होने पर व्यक्ति मानसिक भारीपन का शिकार होते हैं।
पूरी और अच्छी नींद लेने वाले लोगों की तुलना में लगातार कम नींद लेने वाले लोग जल्दी और अधिक तनाव की चपेट में आते हैं। नींद न आने या अपर्याप्त नींद की वजह से लोग हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, मोटापा, मानसिक बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि युवा अधिक से अधिक समय मोबाइल की स्क्रीन पर बिता रहा है। जिससे वह इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
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नींद की दवा से रहें दूर
अल्मोड़ा। नींद संबंधी बीमारी के चलते नींद की दवा की भी बाजार में काफी मांग है। जबकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ का कहना है कि चिकित्सक ने न लिखा हो तो नींद की गोली का कतई सेवन न करें। बिना चिकित्सक के दवा का सेवन सेहत पर भारी पड़ सकता है।
भोजन के बाद तुरंत न सोएं
अल्मोड़ा। भोजन के बाद कम से कम 10 से 25 मिनट टहले। इससे पाचन शुरू हो जाता है। मस्तिष्क में रक्त संचार व्यवस्थित होने लगता है। संवाद
नींद के लिए ये उपाय करें
- जब सोने जाएं तो स्क्रीन, गैजेट, नोटिफिकेशन और मोबाइल सब कुछ भूल जाएं।
- स्लीप हाइजीन के महत्व को समझे और सोने जागने का समय निर्धारित करें।
- बिस्तर और सिरहाना आरामदायक स्थिति में होना आवश्यक है।
- कम से कम छह से सात घंटे की नींद लें। इससे कम और अधिक नुकसानदेह हो सकता है।
कोट
यदि अनिद्रा की समस्या आ रही है तो चिकित्सक से तुरंत परामर्श लें। नींद खराब होने से रक्तचाप, मुधमेह होने की आशंका रहती है। नींद दिमाग के लिए पोषण का काम करती है और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है। अच्छी नींद लेना सेहत के लिए लाभदायक है। -डॉ. कृतिका, मनोरोग विशेषज्ञ जिला अस्पताल अल्मोड़ा।
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15 से 25 मरीज इलाज के लिए रोजाना आते हैंं जिला अस्पताल में
संवाद न्यूज एजेंसी
अल्मोड़ा। अधूरी नींद (अनिद्रा) शरीर ही नहीं दिमाग की सेहत के लिए भी खतरा बन गई है। नींद न आने या अपर्याप्त नींद की वजह से लोग हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, मोटापा, मानसिक बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में नींद से संबंधित बीमारियों के 15 से 25 मरीज रोज इलाज के लिए आ रहे हैं। इसमें युवा सर्वाधिक हैंं।
जिला अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ के मुताबिक नींद की कमी का नकारात्मक असर दिमाग पर भी पड़ता है। यदि व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं ले पा रहा है तो इससे उसकी दिमागी क्षमता कम हो जाती है। नींद पूरी नहीं होने से दिमाग को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता है। जिससे उसकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है। लेकिन पर्याप्त नींद नहीं होने पर व्यक्ति मानसिक भारीपन का शिकार होते हैं।
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पूरी और अच्छी नींद लेने वाले लोगों की तुलना में लगातार कम नींद लेने वाले लोग जल्दी और अधिक तनाव की चपेट में आते हैं। नींद न आने या अपर्याप्त नींद की वजह से लोग हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, मोटापा, मानसिक बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि युवा अधिक से अधिक समय मोबाइल की स्क्रीन पर बिता रहा है। जिससे वह इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
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नींद की दवा से रहें दूर
अल्मोड़ा। नींद संबंधी बीमारी के चलते नींद की दवा की भी बाजार में काफी मांग है। जबकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ का कहना है कि चिकित्सक ने न लिखा हो तो नींद की गोली का कतई सेवन न करें। बिना चिकित्सक के दवा का सेवन सेहत पर भारी पड़ सकता है।
भोजन के बाद तुरंत न सोएं
अल्मोड़ा। भोजन के बाद कम से कम 10 से 25 मिनट टहले। इससे पाचन शुरू हो जाता है। मस्तिष्क में रक्त संचार व्यवस्थित होने लगता है। संवाद
नींद के लिए ये उपाय करें
- जब सोने जाएं तो स्क्रीन, गैजेट, नोटिफिकेशन और मोबाइल सब कुछ भूल जाएं।
- स्लीप हाइजीन के महत्व को समझे और सोने जागने का समय निर्धारित करें।
- बिस्तर और सिरहाना आरामदायक स्थिति में होना आवश्यक है।
- कम से कम छह से सात घंटे की नींद लें। इससे कम और अधिक नुकसानदेह हो सकता है।
कोट
यदि अनिद्रा की समस्या आ रही है तो चिकित्सक से तुरंत परामर्श लें। नींद खराब होने से रक्तचाप, मुधमेह होने की आशंका रहती है। नींद दिमाग के लिए पोषण का काम करती है और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है। अच्छी नींद लेना सेहत के लिए लाभदायक है। -डॉ. कृतिका, मनोरोग विशेषज्ञ जिला अस्पताल अल्मोड़ा।