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कहीं आपका बच्चा नशे की लत में तो नहीं पड़ रहा!

Wed, 10 Jun 2015 11:07 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/ अल्मोड़ा
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/ अल्मोड़ा Updated Wed, 10 Jun 2015 11:07 PM IST
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If your child is not to far addictive!
आपके बच्चे ट्यूशन, स्कूल या किसी और काम के लिए जब भी घर से बाहर निकलें तो उनकी गतिविधियों पर नजर जरूर रखें। पिछले एक-दो सालों से नगर में कई ऐसे अड्डे पनप रहे हैं जहां पहुंचकर बच्चे नशे की लत में पड़ सकते हैं। हालत यह है कि हाईस्कूल, इंटर में पढ़ने वाले कई छात्र भी नशीली दवाएं ले रहे हैं। पता लगा है कि कई युवा शुरू में नशे के लिए कोरेक्स, पुदीन हरा, आयोडेक्स जैसी दवाओं को आजमा रहे हैं। उसके बाद धीरे-धीरे वह नशे की गोलियां, चरस और अन्य ड्रग लेने लगते हैं। ऐसे में जरा सी असावधानी आपके बच्चे को गलत राह में धकेल सकती है।
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पिछले काफी समय से युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है।  बताया जाता है कि नगर में कुछ ट्यूशन केंद्रों, स्कूलों और कुछ बिलियर्ड्स सेंटरों के आसपास एकांत सी जगहों पर इस तरह के किशोरों और युवकों के अड्डे बने हैं। नगर में  कुछ अन्य एकांत इलाकों में भी इस तरह की गतिविधियां चलने की शिकायतें मिल रही हैं। गलत संगति में आने के बाद कई छात्र अभिभावकों से छिपकर नशे के लिए खांसी की दवा कोरेक्स, पुदीन हरा, आयोडेक्स, ह्वाइटनर और थिनर, फेवी क्विक आदि का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस रास्ते में आगे चलकर ये नशे की गोलियां आदि लेने लगते हैं।
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एक स्थिति के बाद इस तरह के युवक डिप्रेशन में चले जाते हैं और फिर असामान्य गतिविधियां करने लगते हैं। बताया जाता है कि अल्मोड़ा नगर में भी कई युवक इस तरह के हालत से गुजर रहे हैं। नशे की गोलियां आदि के लिए वे घर से लड़ झगड़ कर पैसे ले आते हैं। घर से पैसा नहीं मिलने पर ऐसे लोग राहगीरों से लूटपाट तक करने लगते हैं। नगर में कुछ केमिस्टों के वहां से भी इस तरह की दवाएं बिकने की शिकायतें मिल रही हैं। सूत्रों के अनुसार कोई गिरोह इन किशोरों और युवाओं को नशे की सामग्री उपलब्ध कराता है। आशंका यह भी है कि नशे के लिए स्मैक और अफीम जैसी ड्रग्स भी यहां उपलब्ध होने लगे हैं। इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद पुलिस प्रशासन और समाज के जागरूक लोग इस ओर कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। 
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