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पांच दिन बाद मल्ला गजार गांव में पहुंचा प्रशासन
अल्मोड़ा़, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jul 2017 10:37 PM IST
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मल्ला गजार में क्षतिग्रस्त पुल।
- फोटो : अमर उजाला
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आपदा प्रभावितों को 24 घंटे के भीतर राहत पहुंचाने के सीएम के आदेश के बावजूद ग्राम पंचायत खजुरानी, खास तौर से इसका मल्ला गजार गांव में पांच दिन बाद सरकारी मदद पहुंची है। भूस्खलन की चपेट में आए इस गांव के लोग गांव में ही कैद हैं। रास्ते ध्वस्त हो जाने से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। बिजली-पानी की किल्लत बनी हुई है। गांव का अस्तित्व ही संकट में है। प्रशासन का एक ही तर्क है कि गांव तक पहुंचने के रास्ते क्षतिग्रस्त होने के कारण वहां तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। हालांकि शुक्रवार को एसडीएम फींचाराम चौहान अफसरों की टीम के साथ गढ़वाल के रास्ते गांव में पहुंच पाने में सफल हुए।
ग्राम पंचायत खजुरानी के मल्ला गजार में दस जुलाई को हुई भारी बारिश से मची तबाही का मंजर गांव की दास्तां खुद बयां कर रहा है। उफनाई बिमोली नदी ने भारी नुकसान किया तो वहीं मल्ला गजार में बहने वाले देवड़ा गधेरे के ऊफान से गांव के रास्ते व पुल पहले ही ध्वस्त हो चुके थे। अब वहां लगातार भूकटाव हो रहा है। यदि जल्द भूकटाव रोकने के उपाय नहीं किए गए तो गांव का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है। गांव की दुर्गा देवी, हर्ष सिंह, थानसिंह, श्याम सिंह व प्रेमसिंह के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। रास्ते ध्वस्त होने से जहां लोग सामान्य अवस्था में गांव से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं वहीं बच्चे भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। गांव में स्थित प्राथमिक स्कूल कम छात्र संख्या के कारण पहले ही बंद हो चुका है। गांव के बच्चे प्राथमिक से हाइस्कूल तक की शिक्षा के लिए खजुरानी जाते हैं परंतु वहां जाने वाले रास्ते क्षतिग्रस्त हैं। बिजली के खंभे और पाइप लाइन बहने से बिजली और पेयजल संकट भी बरकरार है।
खजुरानी के स्कूली बच्चे भी नही पहुंच पा रहे खीड़ा
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। ग्राम पंचायत खजुरानी में हाइस्कूल है। गांव के बच्चे इंटर की पढ़ाई के लिए खीड़ा आते हैं परंतु खजुरानी और खीड़ा के बीच भी रास्ता ध्वस्त है। इस कारण खजुरानी के इंटर में पढ़ने वाले करीब 12 बच्चे भी जीआईसी खीड़ा नही पहुंच पा रहे हैं। खजुरानी सहित पांचों तोक गांव मल्ला गजार, तल्ला गजार, पाखाखरक व चनौला में बिमार लोगों के लिए बड़ी मुसीबत पैदा हो गई है। उनके लिए गांव में दवा पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से किसी तरह खजुरानी तक पहुंचने की व्यवस्था करने की मांग की है।
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नुकसान का लिया जायजा, बांटे टेंट
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। आखिरकार एसडीएम फिंचाराम चौहान अधिकारियों की टीम के साथ चमोली जिले के माईथान और झूमाखेत के कठिन रास्ते को तय करते हुए खजुरानी के मल्ला गजार पहुंचे। उन्होंने आपदा से क्षतिग्रस्त रास्तों व बह चुके पुल आदि का जायजा लिया और ग्रामीणों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। एसडीएम ने गांव में पहुंचकर उन छह परिवारों को आपदा के टेंट वितरित किए। जिनके मकान आपदा की जद में हैं। इनमें दुर्गा देवी, हर्ष सिंह, बचेसिंह, श्याम सिंह, प्रेमसिंह व थान सिंह के परिवार शामिल थे। उन्होंने कहा कि कभी भी मकान आदि को क्षति पहुंचने पर वे तुरंत ही टेंटों का उपयोग कर सकते हैं। एसडीएम के गांव में पहुंचने से उत्साहित ग्रामीणों ने तालियों से उनका स्वागत किया। इस मौके पर प्रधान पति बिशन सिंह व अन्य ग्रामीणों ने अधिकारियों को अपने बीच पाकर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें उनके पहुंचने से उसी तरह की खुशी हुई है जैसे किसी मरीज को चिकित्सक के पहुंचने से होती है। एसडीएम के साथ जिला पंचायत सदस्य गजेंद्र नेगी, मोहित जोशी व त्रिलोक बिष्ट के साथ ही शिक्षा, खाद्यान्न व ग्रामीण विकास विभाग आदि विभागों के अधिकारी भी थे।
ग्राम पंचायत खजुरानी के मल्ला गजार में दस जुलाई को हुई भारी बारिश से मची तबाही का मंजर गांव की दास्तां खुद बयां कर रहा है। उफनाई बिमोली नदी ने भारी नुकसान किया तो वहीं मल्ला गजार में बहने वाले देवड़ा गधेरे के ऊफान से गांव के रास्ते व पुल पहले ही ध्वस्त हो चुके थे। अब वहां लगातार भूकटाव हो रहा है। यदि जल्द भूकटाव रोकने के उपाय नहीं किए गए तो गांव का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है। गांव की दुर्गा देवी, हर्ष सिंह, थानसिंह, श्याम सिंह व प्रेमसिंह के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। रास्ते ध्वस्त होने से जहां लोग सामान्य अवस्था में गांव से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं वहीं बच्चे भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। गांव में स्थित प्राथमिक स्कूल कम छात्र संख्या के कारण पहले ही बंद हो चुका है। गांव के बच्चे प्राथमिक से हाइस्कूल तक की शिक्षा के लिए खजुरानी जाते हैं परंतु वहां जाने वाले रास्ते क्षतिग्रस्त हैं। बिजली के खंभे और पाइप लाइन बहने से बिजली और पेयजल संकट भी बरकरार है।
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खजुरानी के स्कूली बच्चे भी नही पहुंच पा रहे खीड़ा
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। ग्राम पंचायत खजुरानी में हाइस्कूल है। गांव के बच्चे इंटर की पढ़ाई के लिए खीड़ा आते हैं परंतु खजुरानी और खीड़ा के बीच भी रास्ता ध्वस्त है। इस कारण खजुरानी के इंटर में पढ़ने वाले करीब 12 बच्चे भी जीआईसी खीड़ा नही पहुंच पा रहे हैं। खजुरानी सहित पांचों तोक गांव मल्ला गजार, तल्ला गजार, पाखाखरक व चनौला में बिमार लोगों के लिए बड़ी मुसीबत पैदा हो गई है। उनके लिए गांव में दवा पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से किसी तरह खजुरानी तक पहुंचने की व्यवस्था करने की मांग की है।
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नुकसान का लिया जायजा, बांटे टेंट
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। आखिरकार एसडीएम फिंचाराम चौहान अधिकारियों की टीम के साथ चमोली जिले के माईथान और झूमाखेत के कठिन रास्ते को तय करते हुए खजुरानी के मल्ला गजार पहुंचे। उन्होंने आपदा से क्षतिग्रस्त रास्तों व बह चुके पुल आदि का जायजा लिया और ग्रामीणों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। एसडीएम ने गांव में पहुंचकर उन छह परिवारों को आपदा के टेंट वितरित किए। जिनके मकान आपदा की जद में हैं। इनमें दुर्गा देवी, हर्ष सिंह, बचेसिंह, श्याम सिंह, प्रेमसिंह व थान सिंह के परिवार शामिल थे। उन्होंने कहा कि कभी भी मकान आदि को क्षति पहुंचने पर वे तुरंत ही टेंटों का उपयोग कर सकते हैं। एसडीएम के गांव में पहुंचने से उत्साहित ग्रामीणों ने तालियों से उनका स्वागत किया। इस मौके पर प्रधान पति बिशन सिंह व अन्य ग्रामीणों ने अधिकारियों को अपने बीच पाकर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें उनके पहुंचने से उसी तरह की खुशी हुई है जैसे किसी मरीज को चिकित्सक के पहुंचने से होती है। एसडीएम के साथ जिला पंचायत सदस्य गजेंद्र नेगी, मोहित जोशी व त्रिलोक बिष्ट के साथ ही शिक्षा, खाद्यान्न व ग्रामीण विकास विभाग आदि विभागों के अधिकारी भी थे।