रानीखेत (अल्मोड़ा)। तहसील के शिलंगी, हिड़ाम, बयेड़ी, मटेला मनिहार, सौंखोला आदि गांवों की 12 हेक्टेयर भूमि में किसानों को वैज्ञानिक तकनीक से दलहनी फसल उगाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका मसौदा तैयार कर लिया गया है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और होप संस्था की ओर से यह प्रशिक्षण दिया जाएगा। वैज्ञानिक तरीके से खेती का प्रशिक्षण देकर किसानों को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। होप संस्था के निदेशक प्रकाश जोशी ने बताया कि किसानों को बीज, जैविक उर्वरक, जैविक कीटनाशक, फफूंदनाशक समेत एक-एक पावर वीडर भी दिया गया है। इससे उन्हें जुताई के तरीके बताए जा रहे हैं। इससे किसान अधिक उत्पादन कर आत्मनिर्भर बन सकेगा। संस्था ने प्रत्येक गांव में भूमि का चयन भी कर लिया है। फसलों की बुआई जून के पहले और दूसरे सप्ताह से शुरू की जाएगी। बताया कि इससे किसानों के समय की बचत होगी। बैल पालने का खर्च भी बचेगा। किसानों को दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के तरीके भी बताए जा रहे हैं। इसके तहत उन्नत नस्ल की भैंस और गाय पालने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में जिला पंचायत विपिन जोशी, प्रधान राजेंद्र प्रसाद, नवीन चंद्र, काशी राम, पूर्व प्रधान जोधा सिंह, पान सिंह, पूरन पांडे आदि रहे।