फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Devotees reached to temple for worship.

सोनगांव से लाया गया माता का डोला

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 21 Apr 2021 12:49 AM IST
विज्ञापन
Devotees reached to temple for worship.
अल्मोड़ा के धौलादेवी ब्लाक में स्थित धूम्रा देवी मंदिर। - फोटो : ALMORA
अगनेरी मंदिर परिसर में लगने वाला चैत्राष्टमी मेला (आठौं कौतिक) माता के डोले की परिक्रमा व नारियल तोड़ने की रस्म के साथ संपन्न हो गया। परंपरा के अनुसार इस बार डोला सोनगांव थोक से लाया गया जबकि बीड़ा ढौंन थोक ने पकड़ा। कोरोना महामारी के साये में मेला औपचारिक ही रहा।
विज्ञापन

मंदिर समिति ने पहले ही सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि का आयोजन रद्द कर दिया था जिसके चलते मेलार्थियों की संख्या काफी कम रही।
परंपरा के अनुसार सोनगांव व आसपास की ग्राम पंचायतों के ग्रामीण कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए नगारे निशांणों के साथ मां का डोला लेकर मंदिर परिसर पहुंचे। मंदिर की परिक्रमा कर डोला मंदिर समिति को सौंपा और अगले वर्ष के लिए ढौन थोक के लोगों को डोला लाने की जिम्मेदारी दी गई।
विज्ञापन

देवी को प्रसन्न करने के लिए नारियल तोड़ा गया और सादगी के साथ सभी रस्में पूरी की गई। मंदिर पुजारी केवलानंद जोशी, मोहन जोशी व दिनेश जोशी ने पूजा कराई। इस दौरान मेला समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र मनराल, मंदिर समिति के अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह बिष्ट ने सभी का आभार जताया। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

देघाट में लगे चैत्राष्टमी मेले में कम रही भीड़
स्याल्दे। प्रसिद्ध देवी मंदिर देघाट में चैत्राष्टमी मेले का आयोजन किया गया। इस बार पर भी कोविड-19 का असर साफ दिखाई दिया और मेले में भक्तों और दुकानदारों की संख्या काफी कम रही।
मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन सिंह मैठानी ने बताया कि कोरोना की वजह से मेले का विस्तार नहीं किया गया। बताया कि इस बार कोविड 19 के कारण मेले में काशीपुर, बाजपुर, ठाकुरद्वारा, रामनगर, मुरादाबाद आदि स्थानों से आने वाले व्यापारी नहीं आ पाए। यहां देघाट की देवी काली माता को मनोकामना पूरी होने पर भैंसें और बकरे की बली देकर पूजा जाता था लेकिन अब भक्त मनोकमाना पूरी होने पर भैंसें के बजाए केवल पूजा अर्चना करते हैं। यदि कोई मान्यता के आधार पर भैंसे ले भी आता है तो उन्हें प्रशासन या मंदिर कमेटी को सौंप दिया जाता है। जिन्हें बाद में पशु पालकों को सौंप दिया जाता है। मेले में इस साल तीन भैंसें और सात बकरियां लाईं गईं। इनमें से बकरियों को वापस कर दिया गया और भैंसों को मंदिर समिति को ही सौंप दिया गया। इस दौरान मेला कमेटी के नारायण सिंह बंगारी, अशोक तिवारी, वीरेंद्र मयाल, पूरन सिंह, नंदन पालीवाल, सुरेंद्र गोयल, पूरन भिरकनी आदि थे। प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार दिवान गिरी, चौकी प्रभारी देवेंद्र सामंत, धीरज कुमार, प्रकाश देवतल्ला मौजूद रहे।

धौलादेवी में नहीं लगा मेला
अल्मोड़ा। धौलादेवी विकासखंड के धूम्रा देवी मंदिर में चैत्र नवरात्र की अष्टमी को मेला लगता था। कोरोना संक्रमण बढ़ने से इस बार मेला रद्द हो गया। सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश गैड़ा ने बताया कि मेले में दूरस्थ गांवों समेत आसपास के क्षेत्रों से बच्चे, महिलाएं और ग्रामीण शिरकत करते थे। बताया कि मेला नहीं लगने से बाहर से आने वाले व्यापारियों में भी मायूसी है। (संवाद)

देवी मंदिर देघाट में पहुंचे श्रद्धालु।

देवी मंदिर देघाट में पहुंचे श्रद्धालु।- फोटो : ALMORA

ेवी मंदिर देघाट में पशु को लाते श्रद्धालु।

ेवी मंदिर देघाट में पशु को लाते श्रद्धालु।- फोटो : ALMORA

चैत्राष्टमी मेले में माता को डोला लेकर आ रहे श्रद्धालु।

चैत्राष्टमी मेले में माता को डोला लेकर आ रहे श्रद्धालु।- फोटो : ALMORA

चौखुटिया के अगनेरी में मंदिर परिसर की ओर जाते मेलार्थी।

चौखुटिया के अगनेरी में मंदिर परिसर की ओर जाते मेलार्थी।- फोटो : ALMORA

चौखुटिया के चैत्रोष्टमी मेले के दौरान अगनेरी माता के मंदिर में परिक्रमा के लिए डोले को ले जाते श्

चौखुटिया के चैत्रोष्टमी मेले के दौरान अगनेरी माता के मंदिर में परिक्रमा के लिए डोले को ले जाते श्- फोटो : ALMORA

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed