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Almora News: सभी गांवों का विकास है उद्देश्य
Tue, 26 Sep 2023 12:43 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 26 Sep 2023 12:43 AM IST
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अल्मोड़ा में पत्रकार वार्ता करते विधायक मोहन सिंह मेहरा। संवाद
अल्मोड़ा। जागेश्वर विधानसभा में अनुसूचित बहुल गांवों में विकास कार्यों पर रोक लगाने के डीएम के आदेश पर हाईकोर्ट ने रोक लगाने के बाद स्थानीय विधायक मोहन सिंह मेहरा ने पत्रकार वार्ता की। कहा कि वह हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं। उनका उद्देश्य काम रुकवाना नहीं सभी अनुसूचित बहुल गांवों का विकास करना है।
बीते दिनों जागेश्वर विधायक पर हाईकोर्ट की टिप्पणी आने के बाद विधायक मोहन सिंह मेहरा ने पत्रकार वार्ता कर कहा कि वह अपनी बात भी हाईकोर्ट में रखेंगे। कहा कि विधानसभा के अंतर्गत हर अनुसूचित बहुल गांव के विकास के लिए बजट मिले, यह उनकी भावना थी। एक न्याय पंचायत तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री ने पांच निर्माण कार्यों के लिए 82. 44 लाख रुपये स्वीकृत किए थे। मैंने तब मंत्री से विधानसभा के प्रत्येक अनुसूचित गांव में बराबर धनराशि दिए जाने की मांग की थी, इसके बाद निर्माण योजनाओं के लिए स्वीकृत धनराशि को अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया था। इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र भी भेजा था। इसके बाद भी कार्यदाई संस्था ने इसमें गुपचुप तरीके से टेंडर कर दिए। उन्होंने कहा कि विकास के लिए जो भी धनराशि मिलती है वह सभी अनुसूचित बहुल गांवों में बराबर खर्च होनी चाहिए, यही उनकी मंशा है। अधिकारियों की मिलीभगत से जो कार्य हुए इसके लिए जिलाधिकारी से वार्ता कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, धर्मेंद्र बिष्ट, राजेंद्र बिष्ट मौजूद रहे।
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बीते दिनों जागेश्वर विधायक पर हाईकोर्ट की टिप्पणी आने के बाद विधायक मोहन सिंह मेहरा ने पत्रकार वार्ता कर कहा कि वह अपनी बात भी हाईकोर्ट में रखेंगे। कहा कि विधानसभा के अंतर्गत हर अनुसूचित बहुल गांव के विकास के लिए बजट मिले, यह उनकी भावना थी। एक न्याय पंचायत तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री ने पांच निर्माण कार्यों के लिए 82. 44 लाख रुपये स्वीकृत किए थे। मैंने तब मंत्री से विधानसभा के प्रत्येक अनुसूचित गांव में बराबर धनराशि दिए जाने की मांग की थी, इसके बाद निर्माण योजनाओं के लिए स्वीकृत धनराशि को अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया था। इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र भी भेजा था। इसके बाद भी कार्यदाई संस्था ने इसमें गुपचुप तरीके से टेंडर कर दिए। उन्होंने कहा कि विकास के लिए जो भी धनराशि मिलती है वह सभी अनुसूचित बहुल गांवों में बराबर खर्च होनी चाहिए, यही उनकी मंशा है। अधिकारियों की मिलीभगत से जो कार्य हुए इसके लिए जिलाधिकारी से वार्ता कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, धर्मेंद्र बिष्ट, राजेंद्र बिष्ट मौजूद रहे।
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