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Almora News: मम्मी तुम कहां हो, पापा जल्दी आ जाओ...
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घायलों को हाई सेंटर रेफर करती स्वास्थ्य विभाग की टीम।संवाद
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। जिस घर में शहनाई और ढोल-नगाड़ों की आवाज गूंज रही थी अब वहां मातम पसरा है। बराती और घराती सब खुश थे। रातभर गीत-संगीत की महफिल सजी थी। किसी को जरा भी अंदेशा नहीं था कि शादी की खुशियां इस तरह खत्म हो जाएंगी।
धौलछीना में हुए कार हादसे का कारण चालक व दूल्हे के भाई मंगल सिंह को झपकी आना बताया जा रहा है। रात भर चले वैवाहिक कार्यक्रम के चलते वह ठीक से सो नहीं सके थे।
मंगल सिंह कई दिनों से भाई के विवाह की तैयारी में जुटे थे। उन्हीं के कंधों पर छोटे भाई का विवाह संपन्न कराने की जिम्मेदारी थी।
मां करती रही नई बहू का इंतजार
अल्मोड़ा। दूल्हे की मां जानकी देवी ने शुक्रवार को अपने बेटे की बरात को धूमधाम से विदा किया। दूसरे दिन वह दूल्हा-दुल्हन के साथ बरातियों की वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रही थीं लेकिन उन्हें पति, बेटी, पोते और बहू की मौत की खबर मिली। एक साथ अपने चार लोगों के खोने से वह बेसुध हैं। उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
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- प्रथम दृष्टया हादसे का कारण चालक को झपकी आना माना जा रहा है। चालक रात भर वैवाहिक कार्यक्रम के चलते सो नहीं सका। वापसी में उसे झपकी आई, जिस कारण कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
-गोपाल चौहान, एसडीएम, सदर, अल्मोड़ा।
पैरापिट होता तो बच सकती थी जान
अल्मोड़ा। घटनास्थल के पास सड़क बदहाल है। इस कारण यहां दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इस स्थान पर क्रश बैरियर या पैरापिट नहीं बनाए गए हैं।
मम्मी तुम कहां हो, पापा जल्दी आ जाओ...
धौलछीना (अल्मोड़ा)। चाचा की शादी में भतीजी अक्षिता ने खूब ठुमके लगाए। शादी के बाद पार्टी को लेकर वह खुश थी लेकिन हादसे ने उसकी सारी खुशियां छीन लीं। अपने ही सामने ही मां, भाई, दादा, बुआ को खोने के बाद वह बेसुध हैै। मम्मी तुम कहां हो, पापा जल्दी आ जाओ...उसके मुंह से निकल रहे बार-बार ये शब्द अस्पताल में सभी को रुला रहे हैं।
अक्षिता अपने चाचा दिनेश उर्फ विक्की की बरात का कई दिनों से बेसब्री से इंतजार कर रही थी। शुक्रवार रात भी उसने जमकर नाच-गाना किया। चार दिसंबर को होने वाली पार्टी (रिसेप्शन) को लेकर भी वह बहुत खुश थी। इस हादसे ने अक्षिता की सारी खुशियां एक झटके में छीन लीं।
दूल्हा-दुल्हन भी सदमे में
धौलछीना। विवाह बंधन में बंधकर दूल्हा दिनेश उर्फ विक्की, दुल्हन किरन काफी खुश थे। हमेशा एक-दूसरे का साथ निभाने के वादे कर दोनों कार में बैठकर अपने घर को निकले लेकिन उन्हें मालूम नहीं था कि रास्ते में हादसे में अपनों को खो देंगे। एक साथ कई परिजनों की मौत होने से दोनों सदमे में हैं।
बदहाल सड़कें लोगों को सुला रहीं हैं मौत की नींद
अल्मोड़ा। पहाड़ की बदहाल सड़कें यहां के लोगों को मौत की नींद सुला रही हैं। बदहाल सड़कों के चलते वाहन दुर्घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा हैै। जिले में डेढ़ साल में सड़क दुर्घटनाओं में 35 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 86 से अधिक लोग घायल हुए।
प्रदेश में वाहनों पर नजर रखने के लिए व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग सिस्टम (वीएलटीएस) लागू किया गया है। वर्ष 2019 के बाद आने वाले वाहनों में यह अनिवार्य रूप से लगाना है। इसके बावजूद कई वाहन यह मानक पूरा नहीं करते हैं।
दो साल में प्रमुख हादसे
09 अगस्त 2021: डभरा-क्वैरला मोटर मार्ग पर कार दुर्घटना में एक मौत, तीन घायल
01 अक्तूबर 2021: तड़कोट-काफलीखान मोटर मार्ग पर हुई कार दुर्घटना में एक की मौत, दो घायल
25 जून 2022: भुजान-चापड़ मोटर मार्ग पर डंपर दुर्घटना में एक की मौत, दो घायल
29 अक्तूबर 2022: भनोली तहसील के काफलीखान-सिमलखेत मोटर मार्ग पर रैंगल बैंड के पास पिकअप खाई में गिरी। एक की मौत
07 नवंबर 2022: भतरौंजखान से करीब चार किमी दूर भिकियासैंण मोटर मार्ग पर डंपर खाई में गिरा, चालक की मौत।
पहाड़ के सफर में डेंजर जोन ले रहे हैं परीक्षा
अल्मोड़ा। पहाड़ के सफर में डेंजर जोन भी यात्रियों की परीक्षा ले रहे हैं। डेंजर जोन से गुजरते वक्त यदि चालक ने थोड़ी भी असावधानी बरती तो जान पर बन आती है। जिले की सड़कों पर 57 डेंजर जोन चिन्हित हैं। अल्मोड़ा में सर्वाधिक 28 डेंजर जोन हैं। भतरौंजखान में तीन, सोमेश्वर तहसील में क्षेत्र में नौ, लमगड़ा में तीन, द्वाराहाट में दो, सल्ट में दो डेंजर जोन हैं। लोक निर्माण अल्मोड़ा निर्माण खंड द्वितीय में सात, राष्ट्रीय राजमार्गों पर तीन समेत जिले में कुल 57 डेंजर जोन चिह्नित किए गए हैं।
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धौलछीना में हुए कार हादसे का कारण चालक व दूल्हे के भाई मंगल सिंह को झपकी आना बताया जा रहा है। रात भर चले वैवाहिक कार्यक्रम के चलते वह ठीक से सो नहीं सके थे।
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मंगल सिंह कई दिनों से भाई के विवाह की तैयारी में जुटे थे। उन्हीं के कंधों पर छोटे भाई का विवाह संपन्न कराने की जिम्मेदारी थी।
मां करती रही नई बहू का इंतजार
अल्मोड़ा। दूल्हे की मां जानकी देवी ने शुक्रवार को अपने बेटे की बरात को धूमधाम से विदा किया। दूसरे दिन वह दूल्हा-दुल्हन के साथ बरातियों की वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रही थीं लेकिन उन्हें पति, बेटी, पोते और बहू की मौत की खबर मिली। एक साथ अपने चार लोगों के खोने से वह बेसुध हैं। उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
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- प्रथम दृष्टया हादसे का कारण चालक को झपकी आना माना जा रहा है। चालक रात भर वैवाहिक कार्यक्रम के चलते सो नहीं सका। वापसी में उसे झपकी आई, जिस कारण कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
-गोपाल चौहान, एसडीएम, सदर, अल्मोड़ा।
पैरापिट होता तो बच सकती थी जान
अल्मोड़ा। घटनास्थल के पास सड़क बदहाल है। इस कारण यहां दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इस स्थान पर क्रश बैरियर या पैरापिट नहीं बनाए गए हैं।
मम्मी तुम कहां हो, पापा जल्दी आ जाओ...
धौलछीना (अल्मोड़ा)। चाचा की शादी में भतीजी अक्षिता ने खूब ठुमके लगाए। शादी के बाद पार्टी को लेकर वह खुश थी लेकिन हादसे ने उसकी सारी खुशियां छीन लीं। अपने ही सामने ही मां, भाई, दादा, बुआ को खोने के बाद वह बेसुध हैै। मम्मी तुम कहां हो, पापा जल्दी आ जाओ...उसके मुंह से निकल रहे बार-बार ये शब्द अस्पताल में सभी को रुला रहे हैं।
अक्षिता अपने चाचा दिनेश उर्फ विक्की की बरात का कई दिनों से बेसब्री से इंतजार कर रही थी। शुक्रवार रात भी उसने जमकर नाच-गाना किया। चार दिसंबर को होने वाली पार्टी (रिसेप्शन) को लेकर भी वह बहुत खुश थी। इस हादसे ने अक्षिता की सारी खुशियां एक झटके में छीन लीं।
दूल्हा-दुल्हन भी सदमे में
धौलछीना। विवाह बंधन में बंधकर दूल्हा दिनेश उर्फ विक्की, दुल्हन किरन काफी खुश थे। हमेशा एक-दूसरे का साथ निभाने के वादे कर दोनों कार में बैठकर अपने घर को निकले लेकिन उन्हें मालूम नहीं था कि रास्ते में हादसे में अपनों को खो देंगे। एक साथ कई परिजनों की मौत होने से दोनों सदमे में हैं।
बदहाल सड़कें लोगों को सुला रहीं हैं मौत की नींद
अल्मोड़ा। पहाड़ की बदहाल सड़कें यहां के लोगों को मौत की नींद सुला रही हैं। बदहाल सड़कों के चलते वाहन दुर्घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा हैै। जिले में डेढ़ साल में सड़क दुर्घटनाओं में 35 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 86 से अधिक लोग घायल हुए।
प्रदेश में वाहनों पर नजर रखने के लिए व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग सिस्टम (वीएलटीएस) लागू किया गया है। वर्ष 2019 के बाद आने वाले वाहनों में यह अनिवार्य रूप से लगाना है। इसके बावजूद कई वाहन यह मानक पूरा नहीं करते हैं।
दो साल में प्रमुख हादसे
09 अगस्त 2021: डभरा-क्वैरला मोटर मार्ग पर कार दुर्घटना में एक मौत, तीन घायल
01 अक्तूबर 2021: तड़कोट-काफलीखान मोटर मार्ग पर हुई कार दुर्घटना में एक की मौत, दो घायल
25 जून 2022: भुजान-चापड़ मोटर मार्ग पर डंपर दुर्घटना में एक की मौत, दो घायल
29 अक्तूबर 2022: भनोली तहसील के काफलीखान-सिमलखेत मोटर मार्ग पर रैंगल बैंड के पास पिकअप खाई में गिरी। एक की मौत
07 नवंबर 2022: भतरौंजखान से करीब चार किमी दूर भिकियासैंण मोटर मार्ग पर डंपर खाई में गिरा, चालक की मौत।
पहाड़ के सफर में डेंजर जोन ले रहे हैं परीक्षा
अल्मोड़ा। पहाड़ के सफर में डेंजर जोन भी यात्रियों की परीक्षा ले रहे हैं। डेंजर जोन से गुजरते वक्त यदि चालक ने थोड़ी भी असावधानी बरती तो जान पर बन आती है। जिले की सड़कों पर 57 डेंजर जोन चिन्हित हैं। अल्मोड़ा में सर्वाधिक 28 डेंजर जोन हैं। भतरौंजखान में तीन, सोमेश्वर तहसील में क्षेत्र में नौ, लमगड़ा में तीन, द्वाराहाट में दो, सल्ट में दो डेंजर जोन हैं। लोक निर्माण अल्मोड़ा निर्माण खंड द्वितीय में सात, राष्ट्रीय राजमार्गों पर तीन समेत जिले में कुल 57 डेंजर जोन चिह्नित किए गए हैं।