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जखोड़ा तोक में फिर से लहलहाएंगी फसलें
अमर उजाला ब्यूरो रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Updated Tue, 30 Jan 2018 10:42 PM IST
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- फोटो : demo pic
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दुश्वारियों के कारण खेती छोड़ रहे काश्तकार अब लंबे समय से बंजर पड़े अपनी जमीनों को आबाद करने का मन बनाने लगे हैं। गैरगांव के तोक जखोड़ा के ग्रामीणों ने अब पुन: खेती करने का मन बनाया है। ग्रामीण पिछले 15 साल से बंजर पड़ी अपनी पांच हेक्टेयर भूमि को फिर से आबाद करेंगे।
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इसके लिए कृषि, वन और उद्यान सहित तमाम विभागों से सहयोग लिया जाएगा। भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने के लिए पहली फसल अदरक और हल्दी की लगाई जाएगी।
मालूम हो कि वन्य जीवों के आतंक के चलते पहाड़ की खेती चौपट हो चुकी है। फसलों से लहलहाने वाले खेत बंजर पड़ चुके हैं, लोग पलायन कर मैदानी क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं। भिकियासैंण तहसील के अंतर्गत गैरगांव का जखोड़ा तोक में भी कभी धान, गेहूं, मंडुवा, गढेरी, पिनालू और दालों का उत्पादन होता था, लेकिन गांव में वन्य जीवों के बढ़ते आतंक के चलते अधिकांश परिवार यहां खेती छोड़ चुके थे।
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खेत बंजर पड़े हुए हैं। अब ग्रामीणों ने फिर से इन खेतों को आबाद करने का निर्णय लिया है। गत दिनों यहां ग्रामसभा की बैठक हुई। उप प्रधान भूपाल सिंह भंडारी ने बताया कि बंजर खेतों को आबाद करने की पहल की जा रही है।
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जखोड़ा तोक से इसकी शुरुआत की जा रही है। भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने के लिए पहली फसल के रूप में हल्दी और अदरक का उत्पादन होगा। बीज की डिमांड उद्यान विभाग से कर दी गई है। दूसरी फसल के रूप में गेहूं, धान आदि पारंपरिक खेती की जाएगी।
इसके अलावा नौघर, रत्नाबाजार, दलमाड़ तोक में भी बंजर खेतों को आबाद किया जाएगा। इसके लिए गांवों में समितियों का गठन कर लिया गया है। समिति ग्रामीणों को विभागों से मिलने वाली सुविधाएं मुहैया कराने में मदद करेगी।
प्रधान सरस्वती देवी ने बताया कि वन्य जीवों से सुरक्षा के लिए वन विभाग से सुरक्षा दीवार लगाने की मांग की गई है। तुला सिंह भंडारी, निर्मला भंडारी, हीरा बल्लभ बौड़ाई, ललित कुमार आदि ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखे।
0 गैरगांव के जखोड़ा तोक के गत दिनों वहां संपन्न कृषि चौपाल में बंजर भूमि को आबाद करने का निर्णय लिया गया है। विभाग ग्रामीणों को पूरा सहयोग करेंगे। वन विभाग के अधिकारियों ने सुरक्षा दीवार के लिए आश्वासन भी दे दिया है। इससे खेती छोड़ रहे अन्य ग्रामीणों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। सरकारी योजनाओं से ग्रामीणों को अवगत कराया गया है।
प्रियंका सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी, अल्मोड़ा।