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तिहरे हत्याकांड के दो आरोपियों को उम्र कैद
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Mon, 21 Dec 2015 11:59 PM IST
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश वरुण कुमार ने जुलाई 2014 में भनोली तहसील के सालजाड़ा तोक में तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले दो नेपाली नागरिकों को आजीवन कारावास और 65-65 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। 28 जुलाई 2014 को भनोली तहसील के सालजाड़ा तोक में बुजुर्ग प्रेम सिंह (66), उनकी पत्नी धनुली देवी (62) और बारह वर्षीय पोते अंकित की घर के भीतर ही गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक प्रेम सिंह के पुत्र आनंद सिंह ने राजस्व पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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हत्यारे तिहरे हत्याकांड को अंजाम देकर अभियुक्त घर में रखे सोने, चांदी के आभूषण समेत नगदी चुरा ले गए थे। इसके बाद यह मामला जिलाधिकारी ने रेगुलर पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने इस मामले में धर्मबूढ़ा पुत्र कलबूढ़ा निवासी धली मेलगुड़ी थाना भूमड़ा जिला कालीकोट (नेपाल) और कमल शाही पुत्र नया शाही निवासी उज्जवल गांव, मेलगुड़ी, जिला कालीकोट (नेपाल) को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर लूटे गए जेवरात बरामद कर लिए थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 392, 411 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया।
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अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक शासकीय अधिवक्ता शेखर चंद्र नैनवाल, पूर्व सहायक शासकीय अधिवक्ता दीवान सिंह बिष्ट ने पैरवी की। अधिवक्ताओं ने न्यायालय में इस मामले में 12 गवाह परीक्षित कराए। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश वरुण कुमार ने आरोपियों को धारा 302 सपठित 34, 392, 411 में दोषी पाया।
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न्यायालय ने दोनों आरोपियों को धारा 302 सपठित 34 में आजीवन कारावास और 40 हजार अर्थदंड, अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास, धारा 392 सपठित धारा 34 में 10 वर्ष का सश्रम कारावास, बीस हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना नहीं देने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। धारा 411 में तीन वर्ष का कारावास, पांच हजार अर्थदंड, अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।