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Almora News: सुस्त पड़े सिस्टम को बच्चों ने दिखाया आईना, बदहाल सड़क के गड्ढे खुद भरे
Sat, 12 Sep 2026 10:48 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sat, 12 Sep 2026 10:48 PM IST
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सोमेश्वर-कौसानी मोटर मार्ग पर चनौदा में गड्ढ़े भरते बच्चे।
सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। सोमेश्वर-कौसानी मोटर मार्ग के चनौदा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग की लापरवाही पर छोटे बच्चों की समझदारी भारी पड़ गई। सड़क पर बने जानलेवा गड्ढों से परेशान होकर खेल रहे बच्चों ने खुद ही कमान संभाली और आस-पास से पत्थर-मिट्टी जुटाकर गड्ढों को भर दिया। बच्चों के इस सराहनीय कदम ने न सिर्फ राहगीरों का दिल जीत लिया, बल्कि सुस्त पड़े सिस्टम को भी आईना दिखाया है।
क्षेत्र के अंतर्गत चनौदा में एक ऐसा अनोखा नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया। लंबे समय से बदहाल और गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़क की जब जिम्मेदार विभाग ने सुध नहीं ली तो स्थानीय छोटे बच्चों ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए खुद ही सड़क सुधारने का बीड़ा उठा लिया। खेलने की उम्र में इन बच्चों ने सड़क पर राहगीरों और वाहन चालकों को परेशान होते देखा। इसके बाद बिना किसी के कहे, बच्चों ने एकजुट होकर आस-पास पड़ी निर्माण सामग्री, मिट्टी और पत्थर एकत्र किए और सड़क के बीचो-बीच बने गड्ढों को भरकर रास्ता चलने लायक बनाया। इस सराहनीय कार्य में दक्ष वर्मा, पृथ्वी, विशाल, सौरभ, इशान, सागर, निशा, मानस, मोहित और संदीप आदि बच्चे शामिल रहे। बच्चों की इस अनूठी पहल को देखकर वहां से गुजरने वाले राहगीर ठिठक गए और हर किसी ने बच्चों की पीठ थपथपाई।
बच्चों ने दी शासन प्रशासन को बड़ी सीख
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उम्र में भले ही ये बच्चे छोटे हों लेकिन इन्होंने समाज और शासन-प्रशासन को बहुत बड़ी सीख दी है। सार्वजनिक संपत्तियों और रास्तों की सुरक्षा केवल सरकार के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। यह संदेश बच्चों ने अपने काम से दे दिया है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि बच्चों के इस प्रयास से सबक लेते हुए जल्द से जल्द सड़क का स्थायी डामरीकरण कराया जाए।
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क्षेत्र के अंतर्गत चनौदा में एक ऐसा अनोखा नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया। लंबे समय से बदहाल और गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़क की जब जिम्मेदार विभाग ने सुध नहीं ली तो स्थानीय छोटे बच्चों ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए खुद ही सड़क सुधारने का बीड़ा उठा लिया। खेलने की उम्र में इन बच्चों ने सड़क पर राहगीरों और वाहन चालकों को परेशान होते देखा। इसके बाद बिना किसी के कहे, बच्चों ने एकजुट होकर आस-पास पड़ी निर्माण सामग्री, मिट्टी और पत्थर एकत्र किए और सड़क के बीचो-बीच बने गड्ढों को भरकर रास्ता चलने लायक बनाया। इस सराहनीय कार्य में दक्ष वर्मा, पृथ्वी, विशाल, सौरभ, इशान, सागर, निशा, मानस, मोहित और संदीप आदि बच्चे शामिल रहे। बच्चों की इस अनूठी पहल को देखकर वहां से गुजरने वाले राहगीर ठिठक गए और हर किसी ने बच्चों की पीठ थपथपाई।
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बच्चों ने दी शासन प्रशासन को बड़ी सीख
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उम्र में भले ही ये बच्चे छोटे हों लेकिन इन्होंने समाज और शासन-प्रशासन को बहुत बड़ी सीख दी है। सार्वजनिक संपत्तियों और रास्तों की सुरक्षा केवल सरकार के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। यह संदेश बच्चों ने अपने काम से दे दिया है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि बच्चों के इस प्रयास से सबक लेते हुए जल्द से जल्द सड़क का स्थायी डामरीकरण कराया जाए।
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