जानलेवा बने हैं बिजली के टूटे पोल और झूलते तार
ऊर्जा निगम के अधिकारी शायद बड़ी दुर्घटना के इंतजार में हैं, ताड़ीखेत ब्लॉक के कई गांवों में बिजली के जीर्ण पोल तथा आंगन में झूलते तार तो इसी बात की तस्दीक कर रहे हैं। चिलियानौला में हैड़ाखान मंदिर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग में लोहे के टूटे पोल को पेड़ के सहारे बांधा गया है। कुणकोली, ज्यूड़ा में हाईटेंशन लाइन की तारें आंगन और खेतों में झूल रही हैं। ग्रामीण कहते हैं कि कई बार दुर्घटनाएं होते-होते बची हैं। निगम के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन परिणाम वही ढाक के तीन पात।
- चिलियानौला के विश्व प्रसिद्ध हैड़ाखान मंदिर में देशी विदेशी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, लेकिन मंदिर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर बिजली के लोहे का पोल जड़ से खोखला हो चुका है, पोल को पेड़ के सहारे बांधा गया है। हाईटेंशन लाइन की तारें आंगनों में झूल रहे हैं। बीडीसी की बैठक में तक मामला उठाया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
-मदन सिंह कुवार्बी, क्षेत्र पंचायत सदस्य बधांण।
-सुदूर अम्याड़ी, कुणकोली और आस पास के गांवों में बिजली के झूलते तार खतरा बने हुए हैं। कई तार खेतों में भी झूल रहे हैं। इस संबंध में ग्रामीणों ने कई बार संयुक्त रूप से ज्ञापन भी अधिकारियों को सौंपे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीण आशंकित हैं। इन क्षेत्र में लकड़ी के पुराने पोल तक नहीं बदले गए हैं। शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा।
-कामेश पंत, कुणकोली, अम्याड़ी।
-ताड़ीखेत ब्लॉक में कई स्थानों पर तार खतरे का सबब बने हैं। इन्हें ठीक करने के लिए जिला योजना के तहत प्रस्ताव भेजा गया था, मंजूरी नहीं मिल पाई है। विभाग ने स्वयं इन्हें ठीक करने की योजना बनाई है। शीघ्र ही निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।
-राजेंद्र सिंह बिष्ट, जेई, ऊर्जा निगम, ताड़ीखेत क्षेत्र