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जागरूकता से ही लग सकता है नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश
Mon, 27 May 2019 06:48 PM IST
दीपक नेगी
almora
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Published by: दीपक नेगी
Updated Mon, 27 May 2019 06:48 PM IST
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नशे के खिलाफ रैली निकालते बच्चे।
- फोटो : amar ujala
नशे के कारण लोगों के घर उजड़ रहे हैं। खासतौर पर पहाड़ में नशा नासूर बन गया है। अधिकतर युवा इसकी चपेट में हैं। जन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से इस प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जा सकता है। यह बात यहां चिलियानौला स्थित वीरशिवा स्कूल के छात्र-छात्राओं ने कही। छात्र छात्राओं ने अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्नाइल्स के तहत जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया।
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प्रधानाचार्या शुभ्रा अपूर्वा ने अमर उजाला की अपराजिता मुहिम को जहां नारी सशक्तीकरण के लिए वरदान बताया, वहीं कहा कि नशा सहित तमाम सामाजिक बुराइयों के खिलाफ भी यह मुहिम मील का पत्थर साबित होगी, अमर उजाला ने इसे अभियान के रूप में लेकर समाज को जागरूक करने का प्रयास किया है। अधिक से अधिक लोगों को इस मुहिम से जुड़कर सहयोग करना चाहिए। इस दौरान विद्यालय के बच्चों ने नशा उन्मूलन रैली निकालकर जागरूकता का संदेश दिया।
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बच्चे बोले कि नशे के बढ़ते प्रचलन के चलते घर के घर बर्बाद हो रहे हैं। युवाओं में यह प्रवृति तेजी से फैल रही है। इस पर अंकुश लगाना जरूरी है। अपराजिता अभियान को बच्चों ने भी सामाजिक बुराइयों के प्रति लोगों को जागरूक करने का उचित माध्यम बताया। कहा कि वह भी समाज में जाकर अधिक से अधिक लोगों को नशा नहीं करने की सीख देंगे। बच्चों ने कहा कि सरकारों को भी शराब पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
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