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अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनाया फैसला

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 31 Oct 2019 10:21 PM IST
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a accused caught with fake notes sentenced to ten years
अल्मोड़ा। अपर सत्र न्यायाधीश आरके श्रीवास्तव की अदालत ने जाली (नकली) नोटों के पकड़े गए अभियुक्त नौशाद पुत्र गुलाम अली उर्फ कलुवा निवासी ग्राम लैदा, ठाकुरद्वारा जिला मुरादाबाद (यूपी) को दस साल की सजा की सजा और 42 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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चौखुटिया में 10 जून 2011 को दिन में करीब दो बजे एक महिला पृथ्वीराज जोशी की दुकान पर आई। उसने 500 रुपये का नोट देकर रिचार्ज कूपन लिया। दुकानदार ने 30 रुपये काटकर 470 रुपये महिला को वापस कर दिए। उसके जाने के बाद दुकानदार ने देखा तो 500 रुपये का नोट नकली था। उसकी शिकायत पर हरकत में आई पुलिस ने महिला को क्रांतिवीर चौराहे के पास पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम शमा परवीन निवासी काशीपुर बताया। शमा पवीन के गिरफ्तार होने की सूचना मिलने पर उसका साथी नौशाद चौखुटिया से फरार हो गया।
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इस बीच नौशाद ने लक्ष्मी होटल स्वामी रमेश जोशी के यहां चार सौ रुपये किराए पर कमरा लिया था। नौशाद ने होटल स्वामी को पांच सौ रुपये का नोट दिया, जिस पर होटल स्वामी ने उसे सौ रुपये वापस कर दिए। उसके जाने के बाद होटल स्वामी ने भी जब पांच सौ का नोट देखा तो नकली निकला। नौशाद के कमरे से 1000 रुपये के 29 नोट भी बरामद हुए। पुलिस के एसआई गिरीश चंद्र ने 12 अक्तूबर 2018 को नौशाद को गिरफ्तार कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। मामले का विचारण अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में हुआ।
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अभियोजन की ओर से 10 गवाह न्यायालय में परीक्षित कराए गए। अभियोजन की ओर से प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) शेखर चंद्र नैल्वाल, विशेष लोक अभियोजक सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) भूपेंद्र कुमार जोशी और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) हरीश मनराल ने प्रभावी पैरवी की।

न्यायालय में आरोपी पर धारा 489 (बी), धारा 489(सी) और धारा 174 (क) में दोष सिद्ध हुआ। धारा 489 (बी) में 10 साल की सजा और 20 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 489 (सी) में सात साल की सजा और 20 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 174 (क) में तीन साल की सजा और 2000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर क्रमश: तीनों धाराओं में आरोपी को एक-एक वर्ष और दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। सभी सजाएं साथ साथ चलेंगी। बता दें कि नौशाद की साथी शमा परवीन को 2014 में न्यायालय से सजा हो चुकी है।
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