{"_id":"5bf8451fbdec22419e1f4085","slug":"61542997279-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अल्मोड़ा में हस्तशिल्प कला की अपार संभावनाएं हैं: चौहान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अल्मोड़ा में हस्तशिल्प कला की अपार संभावनाएं हैं: चौहान
Updated Fri, 23 Nov 2018 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अल्मोड़ा। भारत सरकार वस्त्र मंत्रालय नई दिल्ली के तत्वावधान में राजकीय इंटर कालेज अल्मोड़ा के मैदान में सात दिवसीय गांधी शिल्प बाजार प्रदर्शनी शुरू हो गई है। मुख्य अतिथि विधानसभा उपाध्यक्ष तथा विधायक रघुनाथ सिंह चौहान ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में हस्तशिल्प की अपार संभावनाएं हैं।
उन्होंने स्टालों का भ्रमण करते हुए गुजरात की बेडशीट, बाल हैंगिग की सराहना की। प्रदर्शनी में कश्मीरी शॉल, बरेली की ज्वैलरी, फिरोजाबाद के ग्लास टॅाइज ग्राहकों को लुभा रहे हैं। शिल्प बाजार में बिक्री के साथ-साथ शिल्प प्रदर्शन कार्यक्रम भी चल रहा है। जिसमें शिल्पी कलाकृतियों को बनाते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनी में कश्मीर, दिल्ली, उप्र, गुजरात के शिल्पी अपने उत्पादों को लेकर पहुंचे हैं।
इस मौके पर भारत सरकार वस्त्र मंत्रालय के सहायक निदेशक (हस्तशिल्प) नंदी बिष्ट, कोहैंड्स नई दिल्ली के प्रतिनिधि सुरेंद्र कुमार, हस्तशिल्प प्रवर्धन अधिकारी भूमिका, कालीन प्रशिक्षण अधिकारी कनिष्क सिसोदिया, हस्तशिल्प पूर्व सहायक निदेशक एसएम नसीर आदि मौजूद थे।
उन्होंने स्टालों का भ्रमण करते हुए गुजरात की बेडशीट, बाल हैंगिग की सराहना की। प्रदर्शनी में कश्मीरी शॉल, बरेली की ज्वैलरी, फिरोजाबाद के ग्लास टॅाइज ग्राहकों को लुभा रहे हैं। शिल्प बाजार में बिक्री के साथ-साथ शिल्प प्रदर्शन कार्यक्रम भी चल रहा है। जिसमें शिल्पी कलाकृतियों को बनाते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनी में कश्मीर, दिल्ली, उप्र, गुजरात के शिल्पी अपने उत्पादों को लेकर पहुंचे हैं।
विज्ञापन
इस मौके पर भारत सरकार वस्त्र मंत्रालय के सहायक निदेशक (हस्तशिल्प) नंदी बिष्ट, कोहैंड्स नई दिल्ली के प्रतिनिधि सुरेंद्र कुमार, हस्तशिल्प प्रवर्धन अधिकारी भूमिका, कालीन प्रशिक्षण अधिकारी कनिष्क सिसोदिया, हस्तशिल्प पूर्व सहायक निदेशक एसएम नसीर आदि मौजूद थे।
विज्ञापन