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लोकसभा चुनाव में संसदीय क्षेत्र में पहली बार होगा वीवीपैट का इस्तेमाल
Updated Sun, 07 Oct 2018 10:29 PM IST
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अल्मोड़ा। लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अल्मोड़ा में1153 वीवीपैट(वोटर वेरीफाएबल पेपर आडिट ट्रेल) पहुंच चुकी हैं। इनमें से कुछ ईवीएम मशीन और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच भी की जा चुकी है। अब अगले चरण में नवंबर, दिसंबर में वीवीपैट चलाने के लिए कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जिले में 876 मतदेय स्थल और 839 मतदान केंद्र हैं। इनमें सुचारू रूप से मतदान शुरू करवाने के लिए 1521 बैलेट यूनिट, 1238 कंट्रोल यूनिट के अलावा 1153 वीवीपैट भी आ चुकी हैं। जिसमें 1441 बैलेट यूनिट, 1228 कंट्रोल यूनिट और 1153 वीपीपैट मशीन की प्रथम स्तरीय जांच हो चुकी है। बाकी बचे हुए 80 बैलेट यूनिट और 10 कंट्रोल यूनिट की प्रथम स्तरीय जांच 16 अक्तूबर को होगी।
वीवीपैट स्वतंत्र प्रिंटर प्रणाली है जिसे ईवीएम से जोड़ा जाता है। मतदान के दौरान मतदाताओं को अपना मतदान बिल्कुल सही होने की पुष्टि करने में मदद करता है। इस दौरान मतदाता को एक पारदर्शी स्क्रीन के पीछे पर्ची सात सेकेंड तक दिखाई देती है जिसमें वह यह जान सकता है कि उसने मतदान सही किया या नहीं। बाद में पर्ची वीवीपैट के मुहरबंद डिब्बे में चली जाती है।
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सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी शंकर राम ने बताया कि अभी कुछ और वीवीपैट मशीन मंगाई गई हैं। वीवीपैट मशीन का इस्तेमाल लोकसभा और विधानसभा चुनावों में यहां पहली बार होगा। इधर इन दिनो बीएलओ के माध्यम से जिले में सभी जगह पुनरीक्षण का कार्य किया जा रहा है। जिसमें नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, गलत नाम सही करने, नाम घटाने आदि का काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि नए मतदाता तहसील में आकर भी अपना मतदाता पहचान पत्र बनवा सकते हैं।
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जिले में 876 मतदेय स्थल और 839 मतदान केंद्र हैं। इनमें सुचारू रूप से मतदान शुरू करवाने के लिए 1521 बैलेट यूनिट, 1238 कंट्रोल यूनिट के अलावा 1153 वीवीपैट भी आ चुकी हैं। जिसमें 1441 बैलेट यूनिट, 1228 कंट्रोल यूनिट और 1153 वीपीपैट मशीन की प्रथम स्तरीय जांच हो चुकी है। बाकी बचे हुए 80 बैलेट यूनिट और 10 कंट्रोल यूनिट की प्रथम स्तरीय जांच 16 अक्तूबर को होगी।
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वीवीपैट स्वतंत्र प्रिंटर प्रणाली है जिसे ईवीएम से जोड़ा जाता है। मतदान के दौरान मतदाताओं को अपना मतदान बिल्कुल सही होने की पुष्टि करने में मदद करता है। इस दौरान मतदाता को एक पारदर्शी स्क्रीन के पीछे पर्ची सात सेकेंड तक दिखाई देती है जिसमें वह यह जान सकता है कि उसने मतदान सही किया या नहीं। बाद में पर्ची वीवीपैट के मुहरबंद डिब्बे में चली जाती है।
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सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी शंकर राम ने बताया कि अभी कुछ और वीवीपैट मशीन मंगाई गई हैं। वीवीपैट मशीन का इस्तेमाल लोकसभा और विधानसभा चुनावों में यहां पहली बार होगा। इधर इन दिनो बीएलओ के माध्यम से जिले में सभी जगह पुनरीक्षण का कार्य किया जा रहा है। जिसमें नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, गलत नाम सही करने, नाम घटाने आदि का काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि नए मतदाता तहसील में आकर भी अपना मतदाता पहचान पत्र बनवा सकते हैं।