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संस्कृत सभी भाषाओं की जननी : भाकुनी
Updated Fri, 01 Dec 2017 10:54 PM IST
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मानिला (अल्मोड़ा)। राजकीय इंटर कॉलेज मानिला में शुक्रवार को संस्कृत भाषा विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के सचिव गिरधर सिंह भाकुनी ने कहा कि देववाणी संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। संस्कृत भाषा को रोजगारपरक बनाने के लिए संस्कृत विद्यालयों में संस्कृत के साथ-साथ विज्ञान और अन्य महत्वपूर्ण विषयों को पाठ्यक्रम से जोड़ा जाएगा। संस्कृत भाषा में रोजगार के अपार अवसर हैं।
उन्होंने कहा कि वेद पुराण धार्मिक ग्रंथ संस्कृत भाषा में ही लिखे गए हैं। संस्कृत भाषा के क्षेत्र में रोजगार की कोई कमी नहीं है। कहा कि उत्तराखंड राज्य के संस्कृत विद्यालयों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जिन घरों में महिलाओं का सम्मान होता है, उस घर में सरस्वती वास करती हैं। मुख्य वक्ता शोध अधिकारी डॉ. हरीश चंद्र गुरुरानी ने कहा कि बालिकाओं को भी संस्कृत भाषा का ज्ञान होना चाहिए।
संस्कृत विद्यालय झीपा के प्रधानाचार्य महेश चंद्र जोशी ने संस्कृत के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। भविष्य में संस्कृत भाषा में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। प्रधानाचार्य ओमशरण आर्य, नवीन सोराड़ी ने मुख्य अतिथि को प्रतीक चिन्ह प्रदान किया। गोष्ठी में पीटीए अध्यक्ष खीम सिंह घुघत्याल, विधायक प्रतिनिधि देवी दत्त शर्मा, दीवान सिंह चौहान, डॉ. सतीश चंद्र भट्ट, नंदन सिंह मनराल, महेश चंद्र जोशी, ऊर्बा दत्त लखचौरा, कृपाल सिंह, दीपक जीना, महेंद्र सिंह असवाल, गोपाल सिंह रावत, कैलाश चंद्र आदि थे।
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उन्होंने कहा कि वेद पुराण धार्मिक ग्रंथ संस्कृत भाषा में ही लिखे गए हैं। संस्कृत भाषा के क्षेत्र में रोजगार की कोई कमी नहीं है। कहा कि उत्तराखंड राज्य के संस्कृत विद्यालयों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जिन घरों में महिलाओं का सम्मान होता है, उस घर में सरस्वती वास करती हैं। मुख्य वक्ता शोध अधिकारी डॉ. हरीश चंद्र गुरुरानी ने कहा कि बालिकाओं को भी संस्कृत भाषा का ज्ञान होना चाहिए।
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संस्कृत विद्यालय झीपा के प्रधानाचार्य महेश चंद्र जोशी ने संस्कृत के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। भविष्य में संस्कृत भाषा में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। प्रधानाचार्य ओमशरण आर्य, नवीन सोराड़ी ने मुख्य अतिथि को प्रतीक चिन्ह प्रदान किया। गोष्ठी में पीटीए अध्यक्ष खीम सिंह घुघत्याल, विधायक प्रतिनिधि देवी दत्त शर्मा, दीवान सिंह चौहान, डॉ. सतीश चंद्र भट्ट, नंदन सिंह मनराल, महेश चंद्र जोशी, ऊर्बा दत्त लखचौरा, कृपाल सिंह, दीपक जीना, महेंद्र सिंह असवाल, गोपाल सिंह रावत, कैलाश चंद्र आदि थे।
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