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आम बजट महिलाओं के हक में नहीं
Updated Sat, 03 Feb 2018 11:17 PM IST
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अल्मोड़ा। जिला महिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार पर संसद में पेश आम बजट में उत्तराखंड की अनदेखी का आरोप लगाया है। एडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में कहा कि केंद्र के बजट में महिलाओं की जरूरतों की अनदेखी की गई है। जबकि केंद्र को उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए ग्रीन बोनस, औद्योगिक स्रोतों में छूट और बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराना चाहिए था।
महिला नेताओं का कहना है कि बजट में महिलाओं की उपेक्षा की गई है। यही नहीं उत्तराखंड के लिए बजट में विशेष दर्जा, औद्योगिक पैकेज और रेल जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को भी दरकिनार किया गया है। जबकि आम चुनाव में मोदी सरकार ने राज्य में डबल इंजन की सरकार बनने पर उत्तराखंड को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने का वायदा किया था। ज्ञापन देने वालों में प्रीति बिष्ट, गोपा नयाल, पुष्पा सती, जया साह, किरन साह, राधा बिष्ट, गीता मेहरा, रजनी टम्टा, लीला जोशी, दीपा साह आदि शामिल थे।
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महिला नेताओं का कहना है कि बजट में महिलाओं की उपेक्षा की गई है। यही नहीं उत्तराखंड के लिए बजट में विशेष दर्जा, औद्योगिक पैकेज और रेल जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को भी दरकिनार किया गया है। जबकि आम चुनाव में मोदी सरकार ने राज्य में डबल इंजन की सरकार बनने पर उत्तराखंड को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने का वायदा किया था। ज्ञापन देने वालों में प्रीति बिष्ट, गोपा नयाल, पुष्पा सती, जया साह, किरन साह, राधा बिष्ट, गीता मेहरा, रजनी टम्टा, लीला जोशी, दीपा साह आदि शामिल थे।
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