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प्रगति से नाखुश डीएम ने समन्वयक का वेतन रोका
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अल्मोड़ा। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित की जा रही आयुष्मान योजना की समीक्षा करते हुए पात्र लोगों को इसका लाभ देने को कहा। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में अधिकाधिक बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण हो सके इसका विशेष ध्यान रखने और अपरिहार्य कारणों के अलावा गर्भवती महिलाओं को रेफर नहीं करने के भी निर्देश दिए। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति न किए जाने पर उन्होंने कार्यक्रम के समन्वयक का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को एनआरएचएम योजना के तहत जिले में रिक्त चल रहे पदों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरने के निर्देश दिए। साथ ही नियुक्तियों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कमेटी का गठन करने और उसमें शैक्षिक योग्यता का विशेष ध्यान रखने को कहा।
इसके अलावा उन्होंने विद्यालयों में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए कलस्टरवार टीम का गठन कर विद्यालयों में टीकाकरण कराने को भी कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में कार्यदायी संस्थाओं को भी बैठक में अवश्य बुलाएं। इस दौरान हुई महिला चिकित्सालय के संचालक मंडल की बैठक में उन्होंने गर्भवती महिलाओं को अपरिहार्य कारणों के अलावा रेफर नहीं करने के निर्देश दिए। पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने भी सुझाव रखे।
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इसके बाद बेस चिकित्सालय के प्रबंध समिति की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें चिकित्सालय के वार्षिक बजट के अलावा अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सदस्यों द्वारा चर्चा की गई। बैठक में सीडीओ मनुज गोयल, प्रशिक्षु आईएएस विशाल मिश्रा, सीएमओ डॉ. विनीता शाह, मुख्य कोषाधिकारी मो. गुलफाम अहमद, कार्यक्रम अधिकारी संजय गौरव, शिक्षाधिकारी एचबी चंद, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सविता ह्यांकि, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक रानीखेत डॉ. डीएस नेई, कार्यक्रम समन्वयक दीप भट्ट, डॉ. प्रीति पंत, डॉ. एचसी गड़कोटी, समिति सदस्य किशन गुरुरानी, अशोक पांडे, दीप चंद्र, आनंद कनवाल आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को एनआरएचएम योजना के तहत जिले में रिक्त चल रहे पदों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरने के निर्देश दिए। साथ ही नियुक्तियों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कमेटी का गठन करने और उसमें शैक्षिक योग्यता का विशेष ध्यान रखने को कहा।
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इसके अलावा उन्होंने विद्यालयों में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए कलस्टरवार टीम का गठन कर विद्यालयों में टीकाकरण कराने को भी कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में कार्यदायी संस्थाओं को भी बैठक में अवश्य बुलाएं। इस दौरान हुई महिला चिकित्सालय के संचालक मंडल की बैठक में उन्होंने गर्भवती महिलाओं को अपरिहार्य कारणों के अलावा रेफर नहीं करने के निर्देश दिए। पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने भी सुझाव रखे।
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इसके बाद बेस चिकित्सालय के प्रबंध समिति की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें चिकित्सालय के वार्षिक बजट के अलावा अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सदस्यों द्वारा चर्चा की गई। बैठक में सीडीओ मनुज गोयल, प्रशिक्षु आईएएस विशाल मिश्रा, सीएमओ डॉ. विनीता शाह, मुख्य कोषाधिकारी मो. गुलफाम अहमद, कार्यक्रम अधिकारी संजय गौरव, शिक्षाधिकारी एचबी चंद, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सविता ह्यांकि, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक रानीखेत डॉ. डीएस नेई, कार्यक्रम समन्वयक दीप भट्ट, डॉ. प्रीति पंत, डॉ. एचसी गड़कोटी, समिति सदस्य किशन गुरुरानी, अशोक पांडे, दीप चंद्र, आनंद कनवाल आदि मौजूद रहे।