{"_id":"997d72acc9135fd56eda9d97243f5481","slug":"14-thousand-hectares-of-crops-destroyed-six-talukas-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह तहसीलों में 14 हजार हेक्टेयर फसल चौपट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह तहसीलों में 14 हजार हेक्टेयर फसल चौपट
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Wed, 02 Mar 2016 01:29 AM IST
विज्ञापन
बारिश न होने से रबी के सीजन में जिले के असिंचित क्षेत्र में बोई गई फसल चौपट हो गई है। 11 तहसीलों में से प्रशासन को मिले आंकड़ों के मुताबिक छह तहसीलों के असिंचित भूमि में बोई गई 14 हजार हेक्टेयर फसल सूखे की भेंट चढ़ गई है। कई सिंचित क्षेत्रों में भी सिंचाई के लिए पानी न मिलने से फसल प्रभावित हुई है, जबकि शेष पांच तहसीलों की रिपोर्ट प्रशासन को नहीं मिली है।
विज्ञापन
रबी के सीजन में जिले में 48 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं, जौ, सरसों, मसूर के अलावा साग-सब्जी की फसल किसानों ने बोई थी। इसमें से 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित है, जबकि 38 हजार हेक्टेयर की खेती वर्षा आधारित है। जाड़े के सीजन में इस बार नाममात्र की बारिश हुई।
विज्ञापन
बारिश न होने से कई इलाकों में बोई गई गेहूं, जौ, सरसों आदि की फसल का जमाव तक नहीं हुआ है। जिन इलाकों में बीज अंकुरित होकर पौध पनप रहे थे। समय पर बारिश नहीं पर वह भी सूख गए। सूखे के चलते शासन ने भी जिला प्रशासन को प्रभावित फसल की रिपोर्ट देने को कहा है।
विज्ञापन
शासन के निर्देश पर तहसीलों के माध्यम से राजस्व, कृषि विभाग द्वारा फसल क्षति के सर्वे का काम अंतिम चरण में है। 11 तहसीलों में से छह तहसीलों की सर्वे रिपोर्ट जिला प्रशासन को मिल गई है। भिकियासैंण तहसील में 904 हेक्टेयर, भनोली में 5264 हेक्टेयर, जैंती तहसील में 627 हेक्टेयर, सोमेश्वर में 1387 हेक्टेयर, चौखुटिया तहसील में 2662 हेक्टेयर, लमगड़ा तहसील में 1935 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल बरबाद हो गई है।
सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने पर सोमेश्वर तहसील के सिंचित क्षेत्र में 894 हेक्टेयर फसल सूख गई है, जबकि अन्य पांच तहसीलों अल्मोड़ा, रानीखेत, सल्ट, द्वाराहाट, स्याल्दे के आंकड़े प्रशासन को नहीं मिले हैं। हालांकि इन इलाकों में भी सूखे के चलते फसल चौपट हो चुकी है। एडीएम इला गिरि ने बताया कि शेष तहसीलों से दो मार्च तक रिपोर्ट मिल जाएगी। जिसे शासन को भेजा जाएगा। इसके बाद शासन के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी।