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पैराफिट होते तो शायद बच जाती 13 लोगों की जान !
Updated Tue, 13 Mar 2018 10:52 PM IST
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। रामनगर-भतरौंजखान-देघाट सड़क जानलेवा बनी हुई है। जरा सी असावधानी इस सड़क पर दुर्घटना को दावत दे रही है। इस मार्ग में आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। सड़क की स्थिति काफी खराब है। सड़क में जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। सड़क किनारे न तो पैरापिट बने हैं और न ही स्टील गार्डर लगे हैं। यह सड़क काफी संकरी है।
टोटाम के समीप खोईधार पर जिस स्थान पर बस दुर्घटना हुई उससे कुछ पहले संकरा मोड़ है। सड़क पर जगह-जगह गड्डे बने हुए हैं। कई स्थानों पर किनारे पैरापिट भी नहीं बने हैं।
जिस स्थान पर बस दुर्घटनाग्रस्त हुई वहां पर न तो पैरापिट है और न ही लोहे के गार्डर लगे हैं। यदि सड़क किनारे पैरापिट और लोहे के गार्डर होते तो संभवत: बस दुर्घटनग्रस्त नहीं होती और लोगों की जान बच जाती। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के चौड़ीकरण की मांग कई बार की जा चुकी है, लेकिन प्रशासन और लोनिवि ने कोई सुध नहीं ली।
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टोटाम के समीप खोईधार पर जिस स्थान पर बस दुर्घटना हुई उससे कुछ पहले संकरा मोड़ है। सड़क पर जगह-जगह गड्डे बने हुए हैं। कई स्थानों पर किनारे पैरापिट भी नहीं बने हैं।
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जिस स्थान पर बस दुर्घटनाग्रस्त हुई वहां पर न तो पैरापिट है और न ही लोहे के गार्डर लगे हैं। यदि सड़क किनारे पैरापिट और लोहे के गार्डर होते तो संभवत: बस दुर्घटनग्रस्त नहीं होती और लोगों की जान बच जाती। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के चौड़ीकरण की मांग कई बार की जा चुकी है, लेकिन प्रशासन और लोनिवि ने कोई सुध नहीं ली।
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