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कटारमल में उच्च स्तरीय पर्यटन स्थल विकसित करने की योजना तैयार 15-06-32
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अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना 13 जिले 13 डेस्टिनेशन के तहत पर्यटन विभाग ने अभी तक नया स्थल चयनित नहीं किया है। विभाग ने कोसी के पास स्थित कटारमल क्षेत्र में उच्च स्तरीय पर्यटन स्थल विकसित करने की योजना तैयार कर शासन को भेज दी है। हालांकि कटारमल पहले से ही पर्यटन का केंद्र रहा है और यहां पर्यटन विभाग की ओर से पहले से ही गतिविधियां चल रही हैं। ऐसी स्थिति में शासन से दोबारा इसी क्षेत्र को उच्चस्तरीय पर्यटन क्षेत्र में विकसित किए जाने की मंजूरी मिलने की संभावना कम ही है।
दरअसल पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए जनवरी शुरुआत में प्रदेश के मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने पर्यटन विभाग को एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश देते हुए जिले में एक उच्च स्तरीय पर्यटन स्थल विकसित करने को कहा था। उन्होंने कसारदेवी और डीनापानी क्षेत्र को आध्यात्मिक पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए थे।
इसके अलावा जिन-जिन स्थानों में स्वामी विवेकानंद ने प्रवास किया है उन्हें पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने के भी निर्देश दिए थे। जिसके बाद पर्यटन विभाग ने नए स्थल का चयन करने के बजाय पहले से पर्यटन गतिविधि का केंद्र रहे कोसी कटारमल को ही उच्च स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि अगर शासन से कटारमल को उच्च स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में स्वीकृति नहीं मिली और नया स्थल तलाशने के निर्देश मिले तो कोसी क्षेत्र, कालीमठ, कसारदेवी या फिर हवालबाग क्षेत्र में किसी एक स्थान का प्रस्ताव बनाकर शासन को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
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दरअसल पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए जनवरी शुरुआत में प्रदेश के मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने पर्यटन विभाग को एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश देते हुए जिले में एक उच्च स्तरीय पर्यटन स्थल विकसित करने को कहा था। उन्होंने कसारदेवी और डीनापानी क्षेत्र को आध्यात्मिक पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए थे।
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इसके अलावा जिन-जिन स्थानों में स्वामी विवेकानंद ने प्रवास किया है उन्हें पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने के भी निर्देश दिए थे। जिसके बाद पर्यटन विभाग ने नए स्थल का चयन करने के बजाय पहले से पर्यटन गतिविधि का केंद्र रहे कोसी कटारमल को ही उच्च स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि अगर शासन से कटारमल को उच्च स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में स्वीकृति नहीं मिली और नया स्थल तलाशने के निर्देश मिले तो कोसी क्षेत्र, कालीमठ, कसारदेवी या फिर हवालबाग क्षेत्र में किसी एक स्थान का प्रस्ताव बनाकर शासन को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
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