{"_id":"572afac64f1c1bdf795cdb98","slug":"advanced-breed-of-dairy-animals","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीर्थनगरी में तैयार हो रही दुधारू पशुओं की उन्नत नस्ल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीर्थनगरी में तैयार हो रही दुधारू पशुओं की उन्नत नस्ल
आशीष डोभाल/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 05 May 2016 01:18 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश ही नहीं विदेशों में भी गाय और भैंसों की उन्नत नस्ल विकसित करने में ऋषिकेश के श्यामपुर स्थित सेंटर को डिपार्टमेंट ऑफ एनिमल हस्बेंड्री एंड फिशरिज ने ए ग्रेड प्रदान किया हैं।
विज्ञापन
मूल्यांकन के लिए गठित सीएमयू कमेटी ने मार्च माह में सर्वे के बाद सेंटर के नस्ल सुधार और प्रजनन के क्षेत्र में अहम योगदान के लिए सर्वोच्च ग्रेडिंग दी है। एचएफ, जर्सी, मुर्रा, साहिवाल, रेड सिंधी, क्रास ब्रिड जर्सी और एचएफ नस्ल सहित विदेश में गाय, भैंसों के प्रजनन और नस्ल सुधार के लिए सेंटर मदद करता है।
विज्ञापन
भोपाल, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल, यूपी, महाराष्ट्र सहित देशभर में करीब 67 ऐसे सेंटर हैं जो पशुओं की नस्ल सुधार रहे हैं। श्यामपुर सेंटर में हर वर्ष लगभग 30 लाख अति हिमीकृत वीर्य देशभर में वितरित कर रहा है। राज्य पशु चिकित्सा संघ के अध्यक्ष डॉ. कैलाश उनियाल ने बताया कि ‘ए’ ग्रेड मुश्किल से ही किसी सेंटर को मिलता है।
विज्ञापन
भारत सरकार ने इससे पहले कई मूल्यांकन कराए थे लेकिन सेंटर को ’ए’ ग्रेड नहीं मिला पाया था। 17 से 19 मार्च 2016 को केंद्र की सेंट्रल मॉनिटरिंग एब्यूलूशन कमेटी ने सीमेन क्वालिटी, केंद्र का रख रखाव सिस्टम, सांडों का रख रखाव आदि हर पैरामीटर पर मूल्यांकन किया। यूएलडीबी ने पुनर्गठन कर 2003 में श्यामपुर सेंटर को अति हिमीकृत वीर्य उत्पादन स्ट्रेंथनिंग की शुरूआत की थी।