फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   75 thousand people are still in need of relief

अभी भी 75 हजार लोगों को राहत की जरूरत

Mon, 24 Jun 2013 09:28 AM IST
देहरादून/ओमप्रकाश तिवारी
देहरादून/ओमप्रकाश तिवारी Updated Mon, 24 Jun 2013 09:28 AM IST
विज्ञापन
75 thousand people are still in need of relief

पहाड़ पर आए जलप्रलय के बाद वहां कितने लोग फंसे हैं इसके बारे में सिर्फ अनुमान ही लगाया जा सकता है। हालांकि आधिकारिक तौर पर कहा जा रहा है कि शनिवार तक विभिन्न जगहों पर फंसे 73 हजार लोगों को बचा लिया गया है।

विज्ञापन


तस्वीर भयावह
जबकि अब भी दस हजार लोगों को ही बाहर निकाला जाना शेष है। लेकिन यदि गंभीरता से यात्रियों के आगमन और उनकी धामों में उपस्थिति को देखा जाए तो यह आंकड़ा बढ़ जाता है। यही नहीं यदि इसमें स्थानीय आबादी को भी जोड़ दिया जाए तो तस्वीर भयावह हो जाती है।
विज्ञापन


15 जून को जब पहाड़ पर आपदा आई तो वहां कम से कम डेढ़ लाख यात्री और तकरीबन 40 हजार स्थानीय लोग थे। इस तरह देखा जाए तो आपदा की चपेट में करीब दो लाख लोग आए हैं। यदि यह मान लिया जाए कि अब तक 73 हजार लोगों को निकाल लिया गया है तो शेष कहां हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन


45,491 लोगों ने दर्शन किए

14 जून को गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में कुल 45,491 लोगों ने दर्शन किए थे। यह आंकड़ा 14 जून शाम के हैं। इसका मतलब यह हुआ कि चारों धामों में कम से कम इतने ही तीर्थयात्री पहुंच चुके थे और इतने ही यात्री विभिन्न रास्तों में रहे होंगे।

इसका मतलब यह हुआ कि 14 जून को पहाड़ पर कम से कम डेढ़ लाख तीर्थयात्री मौजूद थे। जून का महीना होने की वजह से यात्रा अपने चरम पर थी, क्योंकि 15 दिन बाद ही बरसात शुरू होने वाली थी। ऐसे में अधिकांश को मालूम था कि पहाड़ पर आस्थापथ दुरुह हो जाएंगे और भगवान के दर्शन दुर्लभ। यही वजह थी कि पहली जून से ही चार धामों में कम से कम 50 हजार यात्री दर्शन कर रहे थे। इतने ही यात्री धामों में पहुंच रहे थे और इतने ही रास्ते में होते थे।

आधिकारिक तौर पर पंजीकृत नहीं
केवल ऋषिकेश से ही प्रतिदिन 25 हजार से अधिक यात्री धामों के लिए रवाना होते थे। इससे अधिक संख्या हरिद्वार से रवाना होने वाले यात्रियों की होती थी। हालांकि यह आंकड़े किसी जगह आधिकारिक तौर पर पंजीकृत नहीं हैं लेकिन यात्रा पर जाने वाले यात्रियों और ट्रेवेल एजेंटों तथा बसों के आवागमन के आधार पर अनुमानित किए गए हैंजो अधिक तो किसी भी सूरत में नहीं है।

यादि चारधाम और हेमकुंड साहिब जाने वाले यात्रियों का प्रतिदिन पंजीकरण किया जाता तो यह आंकड़ा दो लाख के करीब
पहुंच जाता। चारधाम जाने के लिए यात्री निजी वाहन, बस, टैक्सी आदि का सहारा लेते हैं। इसके अलावा दोपहिया वाहनों से भी अधिकतर लोग जाते हैं।

उत्तराखंड आपदा की विशेष कवरेज

चार धाम उत्तराखंड के तीन जिलों में पड़ते हैं। चमोली जिले में बदरीनाथ, रुद्रप्रयाग में केदारनाथ और उत्तरकाशी में यमुनोत्री
एवं गंगोत्री धाम स्थित हैं। चमोली और उत्तरकाशी सीमांत जिला हैं तो रुद्रप्रयाग इनसे लगा हुआ है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार चमोली जिले की कुल आबादी 3,91,605 और उत्तरकाशी की कुल जनसंख्या 3,30,086 है।

तीनों जिले प्रभावित
इसी तरह वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार रुद्रप्रयाग जिले की आबादी 2,27,439 थी। इस साल 15 जून को आई जलप्रलय में यही तीनों जिले प्रभावित हुए हैं। इन जिलों में अभी तक जानमाल की हानि के जो आंकड़े सामने आए हैं वह बहुत ही सीमित हैं।


अभी भूला नहीं है तबाही का मंजर

जितनी बड़ी आपदा इन जिलों में आई है उससे यदि इनकी दस प्रतिशत आबादी भी प्रभावति हुई है तो उनकी संख्या हजारों में पहुंच जाती है। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि आपदा में अभी कितने लोग फंसे हैं और कितनों को राहत की जरूरत है।

प्रतिदिन विभिन्न धामों में दर्शन करने वाले यात्री

तिथि ---गंगोत्री--यमुनोत्री--केदारनाथ---बदरीनाथ--हेमकुंड साहिब--प्रतिदिन पहुंचने वाले यात्री
07 जून--6368---9322---13509---15958-----4100-------49,257
08 जून--7840----10089---13753---7102-----2900-------51,684
09 जून--7096----11260---13850---8354-----3250-------53,810
10 जून---7134---9852-----11126---16354----4350------48,816
11 जून---8072---10945----5433----14321---4560--------43,331
12 जून---8612---9837----5642-----3102---5057------42,250
13 जून ---6410---10682---15142----2950---3250-----48,434

चारधाम यात्रा टर्मिनल ऋषिकेश के आंकड़ों के अनुसार इस साल 13 मई से चारधाम यात्रा आरंभ होने से 13 जून तक गंगोत्री में 1,94,745, यमुनोत्री में 2,32,131, केदारनाथ में 3, 10,615, बदरीनाथ में 4,70,162 और हेमकुंड साहिब में 64,037 यात्री दर्शन कर चुके हैं। जबकि वर्ष 2012 में पूरे यात्रा काल में गंगोत्री में 4,45,922, यमुनोत्री में 4,22,201, केदारनाथ में 5,73,045 और बदरीनाथ में 10, 46,633 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए थे।

दोनों वर्ष के आंकड़े बताते हैं कि चारधाम यात्रा जून माह में पीक पर होती है। इसीलिए इस माह में अधिक यात्री आते हैं।
दीपावली तक चारधामों केकपाट बंद हो जाते हैं लेकिन बारिश का मौसम आरंभ होते ही यात्रियों की संख्या कम होने लगती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed