UP Election Result: लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने की राह पर बढ़ रहे योगी आदित्यनाथ, पढ़िए उनके बारे में सब कुछ
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विस्तार
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों के लिए आज यानी गुरुवार को मतगणना चल रही है। अभी तक के रुझान इशारा कर रहे हैं कि योगी आदित्यनाथ एक बार फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने जा रहे हैं। 403 विधानसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में भाजपा 250 से ज्यादा सीटों पर आगे है। बहुमत के लिए 202 सीटों की जरूरत है।
माना जा रहा है कि हर पांच साल पर सत्ता में परिवर्तन देखने वाले उत्तर प्रदेश में इस बार भाजपा को लगातार दूसरा कार्यकाल मिल सकता है और योगी आदित्यनाथ एक बार फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री बन सकते हैं। इस रिपोर्ट में पढ़िए उत्तर प्रदेश में भाजपा को एक अलग मुकाम पर पहुंचाने वाले योगी आदित्यनाथ के बारे में सब कुछ।
गढ़वाली परिवार में हुआ था जन्म
योगी आदित्यनाथ का जन्म पांच जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के गढ़वाली क्षत्रिय परिवार में हुआ था। इनका मूल नाम अजय सिंह बिष्ट है। सात भाई-बहनों में वह पांचवें हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई टिहरी के गजा के एक स्कूल से की। 1990 में स्नातक की पढ़ाई करते समय वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े थे।
1992 में श्रीनगर के हेमवती नंदन बहुगुणा जोशी गढ़वाल विश्वविद्यालय से उन्होंने गणित में बीएससी की थी। 1993 में एमएससी की पढ़ाई करने के दौरान वह गुरु गोरखनाथ पर शोध करने के लिए वह गोरखपुर आए थे। यहां आने के बाद वह यहीं के होकर रह गए। वह यहां अपने चाचा महंत अवैद्यनाथ की शरण में आ गए और दीक्षा ले ली।
साल 1994 में वह पूर्ण संन्यासी बन गए और इनका नाम भी अजय सिंह बिष्ट से योगी आदित्यनाथ हो गया था। 12 सितंबर 2014 के गोरखनाथ मंदिर के तत्कालीन महंत अवैद्यनाथ का निधन होने के बाद योगी को महंत बनाया गया। इसके दो दिन बाद उन्हें नाथ पंथ के पारंपरिक अनुष्ठान के अनुसार मंदिर का पीठाधीश्वर बना दिया गया था।
कुछ ऐसा रहा राजनीतिक जीवन
योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले साल 1998 के लोकसभा चुनाव में गोरखपुर संसदीय क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। उस समय उनकी उम्र केवल 26 वर्ष थी और वह 12वीं लोकसभा (1998-1999) के सबसे युवा सदस्य थे। 1999 के लोकसभा चुनाव में वह फिर जीते थे। साल 2002 में उन्होंने हिंदू युवा वाहिनी का निर्माण किया था।
हिंदू युवा वाहिनी को वह एक सांस्कृतिक संगठन बताते हैं। इसके सदस्य ग्राम रक्षा दल के रूप में हिंदू विरोधी, राष्ट्र विरोधी और माओवादी विरोधी गतिविधियों के खिलाफ काम करता है। यह संगठन विवादों में भी खूब रहा है। लेकिन, इसके कार्यों ने योगी को फायदा दिया और 2014 का लोकसभा चुनाव वह तीन लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीते।
गोरखपुर से पांच बार सांसद रह चुके योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च 2017 को यूपी के सीएम पद की शपथ ली थी। दूसरी बार जीतने पर वह यूपी के पहले ऐसे सीएम बन जाएंगे जो पांच साल का पहला कार्यकाल पूरा करने के बाद दूसरी बार चुना जाएगा। 70 साल में यूपी ने 21 मुख्यमंत्री देखे हैं। लेकिन कोई एक कार्यकाल पूरा करने के बाद लगातार दूसरी बार सीएम नहीं बना है।
विवादों से भी रहा है गहरा नाता
योगी यूपी में शायद भाजपा के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। लेकिन, विवादों से भी उनका नाता रहा है और उन्होंने कई विवादित बयान भी दिए हैं। जून 2016 में उन्होंने कहा था कि जब अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने से कोई रोक नहीं सका तो मंदिर बनाने से कौन रोक पाएगा। अगस्त 2015 में उन्होंने मुस्लिमों की बढ़ती आबादी को खतरनाक रुख बताया था।
इसके अलावा जून 2015 में उन्होंने कहा था कि जो लोग योग का विरोध कर रहे हैं उन्हें भारत छोड़ देना चाहिए। वहीं, लव जिहाद को लेकर अगस्त 2014 में सामने आए उनके एक वीडियो पर खूब बवाल मचा था। इसमें वह कह कह रहे थे कि अगर एक हिंदू लड़की का धर्म परिवर्तन होगा तो हम 100 मुस्लिम लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराएंगे।
फरवरी 2015 में एक बयान में योगी ने कहा था कि अगर हमें अनुमति मिले तो हम देश की सभी मस्जिदों के अंदर गौरी-गणेश की मूर्ति स्थापित कर देंगे। आर्यवर्त ने आर्य बनाए, हिंदुस्तान में हम हिंदू बना देंगे। पूरी दुनिया में भगवा ध्वज फहरा देंगे। मक्का में गैर मुस्लिम नहीं जा सकता, वेटिकन में गैर ईसाई नहीं जा सकता, लेकिन यहां सब आ सकते हैं।